Loading...

आपकी पेंशन में हो सकती है बढ़ोतरी, क्या आपको पता है इस नियम के बारे में

0 331

अगर आप भी उनमें से हैं जोकि EPFO के तहत पेंशन पा रहे हैं तो आपकी पेंशन भी किसी सरकारी सेवा से रिटायर पेंशनर की तरह बढ़ सकती है. जी हां, दरअसल ऐसा सुप्रीम कोर्ट के आदेश से संभव हो पाया है. बता दें कि इस आदेश के बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं.

हालांकि यह आदेश इतनी आसानी एवं जल्दी नहीं आया, जी हां, दरअसल इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले पेटिशनर को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी. बता दें कि पेटिशनर ने साल 1996 के EPS एक्‍ट का हवाला दिया था.

मालूम हो कि केस जीतने के बाद उन्‍होंने EPFO में इम्‍प्‍लॉई पेंशन स्‍कीम के तहत पेंशन संशोधन के लिए अप्‍लाई किया और उनकी पेंशन में बढ़ोतरी हो गई.

ऐसे में अगर आप भी चाहते हैं कि आपको रिटायरमेंट के बाद अच्‍छी पेंशन मिले तो इसमें साल 1996 का EPS एक्‍ट में संशोधन मदद करेगा. मालूम हो कि इकोनॉमिक टाइम्‍स की खबर के मुताबिक इस संशोधन में किसी भी कर्मचारी को यह अधिकार मिला है कि वह अपने अनिवार्य योगदान को बढ़ा सके.

Loading...

जानिए क्‍या करना होगा आपको

मालूम हो कि EPF के नियमों के तहत किसी भी इम्‍प्‍लॉयर को अपने कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12% योगदान EPF में जमा करना होता है.

बता दें कि इसमें से 8.33 % हिस्‍सा EPS में चला जाता है.

मालूम हो कि EPF में वर्तमान समय में सैलरी कैप 15 हजार रुपए महीना है. इसमें से 1250 रुपए अनिवार्य रूप से EPF खाते में जाएंगे. यानि इसका मतलब यह है कि कर्मचारी को 1250 रुपए प्रति माह EPF में योगदान के लिए कटवाने होंगे.

आपको यह भी बता दें कि साल 1996 में हुए संशोधन के तहत कर्मचारी को यह अधिकार मिला है कि वह अपना योगदान बढ़ा सके.

दरअसल इसके लिए उसे इम्‍प्‍लॉयर का सहमति पत्र लगाना होगा.

बता दें कि इससे कर्मचारी की हर माह होने वाली PF कटौती बढ़ जाएगी और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन भी.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.