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केंद्र की मोदी सरकार कैसे बढ़ाएगी किसानों की इनकम, ससंद में स्वयं PM मोदी ने दी इसकी जानकारी

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ये तो आपको पता ही होगा कि देश मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है. हालांकि अब इस मसले पर सरकार साफ-साफ जवाब नहीं दे पा रही है कि आखिर 2016 में फार्मर्स इनकम डबलिंग कमेटी गठित होने के बाद किसानों की आय कितनी बढ़ी है.

दरअसल केंद्र सरकार अब भी साल 2013 का आंकड़ा बता रही है जब किसानों की औसत मासिक आय 6426 रुपये थी जिसमें से 6223 खर्च हो जाते हैं और बचते हैं सिर्फ 203 रुपये.

आपको बता दें कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर काके अनुसार कृषि परिवारों की आय का आकलन एनएसएसओ द्वारा समय-समय पर किए गए सर्वे से किया जाता है. बता दें कि ऐसा सर्वे 2013 में हुआ था.

यही कारण है कि पिछले 5 साल के दौरान आय में वृद्धि के संबंध में सूचना मौजूद नहीं है. मालूम हो कि मोदी सरकार ने अप्रैल 2016 में एक अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया था ताकि किसानों की आय को दोगुना करने से संबंधित पहलुओं की जांच की जा सके.

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मालूम हो कि इस समिति ने सितंबर 2018 में सरकार को अपनी रिपोर्ट दे दी है. दरअसल समिति ने किसानों की आय में वृद्धि के 7 मुख्य स्रोतों की पहचान की है जिसमें फसल उत्पादकता में सुधार, पशुधन उत्पादकता में सुधार और उत्पादन लागत में बचत आदि शामिल है.

ऐसे हो रही है आय बढ़ाने की कोशिश

राज्य सरकारों के जरिए मंडी सुधार.

मॉडल कांट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देना.

किसानों को इलेक्ट्रॉनिक ऑनलाइन व्यापार मंच उपलब्ध कराने के लिए ई-नाम की शुरुआत.

इसके अलावा स्वायल हेल्थ कार्ड योजना, ताकि खाद का जरूरत के हिसाब से ही इस्तेमाल हो.

वहीं परम्परागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक खेती को बढ़ावा.

साथ ही हर मेड़ पर पेड़ अभियान यानी कृषि वानिकी को बढ़ावा.

इसके अलावा बास को पेड़ की श्रेणी से हटाकर उसकी खेती को प्रोत्साहन. पहले बांस काटने पर थी रोक.

वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य को उत्पादन लागत से 150% तक बढ़ाने की मंजूरी.

इसके अलावा किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपये की सहायता.

साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड की कवरेज बढ़ाने का अभियान.

इसके अलावा 100% नीम कोटेड यूरिया से जमीन की सेहत सुधारने का अभियान

जानिए कहां मिल रही है कितनी नगद सहायता

मालूम हो कि सभी प्रदेशों के किसानों को केंद्र की ओर से सालाना 6000 रुपये की नगद मदद मिल रही है.

वहीं झारखंड और हरियाणा की सरकारें अलग से इतनी ही रकम अपने-अपने प्रदेश के किसानों को दे रही हैं.

आंध्रप्रदेश में 10 हजार रुपये सालाना मिल रहे हैं. 6000 रुपये केंद्र सरकार के और 4000 रुपये राज्य की ओर से.

तेलंगाना की बात करें तो यहां 8000 रुपये सालाना मिल रहे हैं. दो सीजन में 4000-4000 रुपये. किसानों को नगद पैसे देने की शुरुआत तेलंगाना ने ही की है.

वहीं ओडिशा में खरीफ और रबी के सीजन में बुआई के लिए आर्थिक मदद के तौर पर प्रति परिवार को 5-5 हजार रुपये यानी सालाना 10,000 रुपये दिए जा रहे हैं.

किसान सम्मान निधि से बढ़ेगी किसानों की आय

आपको बता दें कि डबलिंग फार्मर्स इनकम कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक दलवाई ने कहा है कि ये चीजें हों तो किसानों की आय दोगुनी करने का सपना साकार हो सकता है. वो चीजें हैं:

प्रोडक्टिविटी बढ़ना
उत्पादन लागत कम हो
मार्केट मिल जाए
उचित मूल्य मिले.

दरअसल इस दिशा में सरकार भी लगातार काम कर रही है. दलवई के अनुसार पहले सिर्फ कृषि के बारे में सोचा जाता था, लेकिन पहली बार किसानों के बारे में भी सोचा गया है, ताकि वह खुशहाल हों.

दरअसल कितनी उपज हुई इसके साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि किसान को लाभ कितना मिला क्योंकि इसके बिना काम नहीं चलेगा. आपको बता दें कि इस कमेटी का दावा है कि सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जो किसानों को सालाना 6000 रुपये उनके बैंक खाते में देने का निर्णय लिया है, इससे भी उनकी आय में बड़ा फर्क आएगा.

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