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अबॉर्शन कराने के लिए आई थी महिला, लेकिन मिला ऐसा दर्द जिसे जिंदगीभर नहीं भूल पाएगी

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ब्रिटेन के लंकाशायर में एक महिला को अबॉर्शन करवाना महंगा पड़ गया. 35 साल की महिला जिसका नाम सोफिया है उसको डॉक्टर ने कहा कि आपका अबॉर्शन 100 प्रतिशत गारंटी के साथ होगा. महिला भी अबॉर्शन के लिए राजी हो गई. लेकिन अबॉर्शन के बाद उसके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसे वो जिंदगी भर नहीं भुला सकती.

सोफिया ने अपनी दर्दनाक कहानी सोशल मीडिया पर शेयर करके हुए बताया की डॉक्टर ने सोफिया को कहा कि उनके बच्चे को गर्भ की एक खतरनाक बीमारी है. spina bifida नाम की इस बीमारी में स्पाइनल कार्ड में दरारें पड़ जाती है, जिससे बच्चा जिंदा नहीं रह पाता है. डॉक्टर ने उनको हिदायत दी कि वो अबॉर्शन करवा दे. बच्चे की इस बीमारी के बारे में सुनकर सोफिया और उसके पति शकील ने बच्चे का अबॉर्शन करवाने का सोचा. डॉक्टर ने अबॉर्शन के लिए ऑपरेशन शुरू किया लेकिन इस ऑपरेशन में डॉक्टरों ने लापरवाही कर दी, जिसका दर्द अभी सोफिया भुगत रही है.

अबॉर्शन के लिए दिया इंजेक्शन

सोफिया ने बताया कि डॉक्टर ने बच्चे का एबॉर्शन करने के लिए गर्भनाल में एक इंजेक्शन दिया. इस इंजेक्शन से डॉक्टर कह रहे थे कि बच्चे की सांस और धड़कन बंद हो जाएगी जिससे उसका अबॉर्शन आसानी से होगा. लेकिन मामला इसके विपरीत हुआ, इंजेक्शन लगने के बाद ही बच्चा सोफिया के पेट में तड़पने लगा. सोफिया के अनुसार वो तड़फते हुए तेजी से लाते मार रहा था, शायद उसे दर्द का एहसास हो रहा था. सोफिया कहती है कि वो ऐसी दुर्भाग्यशाली मा थी जो अपने बच्चे को पेट में ही मरने दे रही थी.

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एक बार मिलना चाहता था मां से

सोफिया ने रोते हुए बताया उसका बच्चा पेट में नहीं मरा था, उसको जन्म देने के बाद मारा गया था. बच्चा लेबर पेन के बाद डिलीवरी से हुआ था और जन्म के बाद तड़प रहा था, रो रहा था. डॉक्टर ने डिलीवरी होते ही बच्चे को सोफिया की हाथों में सौंप दिया. सोफिया ने बताया कि उसने मेरे हाथों में कुछ पल बाद दम तोड़ दिया, शायद वो अपनी मां से एक नजर मिलना चाहता था. सोफिया कहती है पूरी दुनिया इसे भूल जाएगी लेकिन यह दर्द मुझे जिंदगी भर सतायेगा.

स्पेशल परमीशन से हुआ अबॉर्शन

जब बच्चा गर्भ में 24 हफ्तों से बड़ा हो जाता है तो उसका अबॉर्शन नहीं किया जाता. अगर बच्चे को गंभीर बीमारी या एब्नार्मल होता है तो सरकार से परमिशन लेकर अबॉर्शन किया जाता है. डॉक्टर्स का कहना है कि मां के पेट में जब बच्चे की उम्र 24 सप्ताह से ज्यादा हो जाती है तो उसे एक स्पेशल इंजेक्शन देकर मौत की नींद सुला दिया जाता है. इस इंजेक्शन से डिलीवरी के समय बच्चा मरा हुआ पैदा होता है. लेकिन सोफिया के पेट में बच्चा मरा नहीं, जिस कारण उसे इतना दुख हो रहा है.

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