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दुनिया के इन अनसुलझे रहस्यों को नहीं सुलझा पाया कोई भी, विज्ञान ने भी मान ली इनके आगे हार

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आज विज्ञान ने काफी प्रगति कर ली है जिसके दम पर उसने कई खोज की है. लेकिन दुनिया में ऐसे कई रहस्य है जो विज्ञान के लिए आज भी पहली बने हुए हैं. आइए हम बताते हैं आपको ऐसे रहस्य के बारे में जिनके सामने विज्ञान ने भी घुटने टेक दिए.

लटकती हुई लाश -: यह घटना साल 1952 की है जब एक परिवार ने नया घर खरीदा था. घर खरीदने का जश्न मनाने के लिए इस परिवार के मुखिया ने एक फोटो खींची. इस फोटो में 2 बच्चे अपनी मां और दादी की गोद में बैठे हुए फोटो खिंचवा रहे हैं. हालांकि जब यह फोटो सामने आई तो इसमें दीवार पर एक लाश लटकी हुई नजर आई. परिवार का कहना है कि वो लाश उन्हें नहीं दिखाई दी तो वो इस फोटो में कैसे आई. इस फोटो को लेकर लोग कहते हैं कि उन्होंने जरूर फोटो के साथ कोई छेड़छाड़ की है, लेकिन परिवार ने इस से नकारा है.

इस पुल से कूदकर कुत्ते कर लेते हैं आत्महत्या -: आज तक आपने सुना होगा कि इंसान परेशानियों से तंग आकर आत्महत्या कर लेता है. लेकिन आज हम बात कर रहे हैं स्कॉटलैंड के एक ऐसे पुल की जहां से अब तक स 100 से ज्यादा कुत्ते आत्महत्या के लिए कुद चुके हैं जिनमें से 50 की मौत हो गई है. इस 50 फुट ऊंचे पुल से कुत्तों के आत्महत्या करने की गुत्थी अभी तक वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए. स्थानीय लोग कहते हैं कि पिछली एक सदी से यहां एक व्हाइट लेडी भूत बनकर घूम रही है, जो कुत्तों की जान लेती हैं. अभी तक इस बात का कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है कि कुत्ते यहां से क्यों कूदते हैं.

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रोंगोरोन्गो -: लोगों का मानना है कि यह रोंगोरोन्गो रहस्यमई भाषा है जो आदिकाल में लोग एक दूसरे से संपर्क करने के लिए उपयोग में लेते थे. यह रोंगोरोन्गो प्रणाली ईस्टर द्वीप की बहुत सारी कलाकृतियों पर छपी हुई है. अभी तक केवल इस पर तर्क- वितर्क किया जा रहा है लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाया है. विज्ञान के लिए भी ये एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है.

टर्नली बर्निंग लैंप -: इस लेंप के जलने के कारण के पीछे बड़े-बड़े देशों के वैज्ञानिकों ने घुटने टेक दिया है. बताया जा रहा है कि इस लैंप की खोज मध्यकाल में हुई थी तब से लेकर आज तक ये लिए बिना तेल के लगातार चल रहा है. पहली बार इस तरह के लैंप इंगलैंड, नार्थ अमेरिका, चीन और इजिप्ट में मिला था। विज्ञानं सारी कोशिशों के बावजूद भी पता नहीं लगा पाया है कि यह लेंप इतने सालों तक कैसे जल रहे हैं.

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