Loading...

अब अगर आपने एंबुलेंस को नहीं दिया रास्ता तो लगेगा 10,000 रुपए का जुर्माना

0 4

अब सड़क पर चलना पहले से थोड़ा सेफ होने वाला है, जी हां, दरअसल केंद्रीय कैबिनेट ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है. बता दें कि इस बिल का मकसद रोड एक्सीडेंट से जुड़े कारणों को दूर करना और सड़क यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई करना है.

दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए पुराने बिल में करीब 88 संशोधन किए गए हैं. यही कारण है इसे नया बिल ही माना जा रहा है.

बता दें अब लोकसभा ने मंगलवार को मोटर यान (संशोधन) बिल-2019 को मंजूरी दे दी। इसमें रोड सेफ्टी को लेकर बहुत सख्त प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत सरकार ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती से पेश आएगी।

चाहे ड्राइविंग के दौरान ओवर स्पीड का मामला हो, बिना हेल्मेट या बिना बेल्ट या फिर नशे में ड्राइविंग कर रहे हैं तो जुर्माने का पैसा कई गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। यही नहीं, कुछ मामलों में तो सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने तक का प्रावधान रखा है।

Loading...

बता दें कि इसमें सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन यह है कि जो भी वाहन एंबुलेंस को जाने के लिए रास्ता नहीं देगा, उसके ऊपर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं शराब पीकर और खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर पर भी 10,000 रुपए का जुर्माना लगेगा।

इसके अलावा ओवर स्पीड पर 1,000 से 2,000 रुपए तक जुर्माना लगेगा तथा ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन करने वाले कैब चालकों पर 1 लाख रुपए तक पेनल्टी लगेगी। वहीं ओवरलोडिंग कर वाहन चलाने वाले वाहनों पर 20,000 रुपए का फाइन लगेगा।

अब यह बिल राज्यसभा में जाएगा

आपको बता दें कि लोकसभा के बाद यह बिल अब राज्यसभा में जाएगा। इस बिल के अनुसार किसी किशोर के ड्राइविंग दौरान सड़क पर कोई अपराध या हादसा होने पर गाड़ी मालिक या अभिभावक को दोषी माना जाएगा। बता दें कि उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जाएगा।

मालूम हो कि राज्यसभा से पास होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी होगी। उसके बाद यह देश में लागू होगा। आपको बता दें कि सदन ने विपक्ष के संशोधनों को भी खारिज कर दिया।

दरअसल निचले सदन में बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने साफ किया कि सरकार का मोटर यान संशोधन बिल के जरिए राज्यों के अधिकार में दखल देने का कोई इरादा नहीं है।

उन्होंने कहा कि इसके प्रावधानों को लागू करना राज्यों की मर्जी पर निर्भर है। दरअसल केंद्र की कोशिश राज्यों के साथ सहयोग करने, परिवहन व्यवस्था में बदलाव लाने और हादसों को कम करने की है।

जानिए नियमों उल्लंघन करने पर पहले कितना जुर्माना लगता था और अब कितना लगेगा

धारा-जुर्म पहले जुर्माना (रु.) अब जुर्माना/सजा (रु.)

177 सामान्य चालान 100 500

181 लाइसेंस के बिना ड्राइविंग 500 5000

182 अयोग्यता के बावजूद 500
ड्राइविंग 10,000

183 तेज स्पीड से गाड़ी चलाना 40
हल्के वाहन 1000, मध्यम 2000

184 खतरनाक ड्राइविंग 1000 5000

185 नशे में ड्राइविंग 2000 10,000

194 बी सीट बेल्ट 100 1000

194 सी दोपहिया में ओवरलोडिंग 100
3000, 3 महीने लाइसेंस सस्पेंड

194 डी बिना हेल्मेट 100
1000, 3 महीने लाइसेंस सस्पेंड

194 ई इमरजेंसी वाहनों को 00
रास्ता न देना 10,000

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.