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इमरान खान ने किया स्वीकार, पुलवामा हमले में थी जैश की मौजूदगी

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्वीकार किया है कि उनके देश में मौजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का पुलवामा हमले में हाथ था. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि जैश-ए-मोहम्मद मोहम्मद ना सिर्फ पाकिस्तान में मौजूद हैस बल्कि कश्मीर में भी है और वहां से काम करता है. प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए इस बयान से यह साफ पता चलता है कि पुलवामा आतंकी हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद मोहम्मद की साजिश थी, जिसका आका मौलाना मसूद अजहर है.

लेकिन इससे पहले पाकिस्तान ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जैश-ए-मोहम्मद मोहम्मद की मौजूदगी को नकारा है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी पाक की सिफारिश पर ही चीन ने मसूद अजहर के ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने का विरोध किया था. केवल पुलवामा हमले पर ही नहीं, बल्कि न्यूयॉर्क में हुए 9/11 आतंकी हमले पर भी उन्होंने कहा था कि इन हमलों से पाकिस्तान से कोई लेना देना नहीं है.

इमरान खान अमेरिकी दौरे पर हैं. उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और कश्मीर मुद्दा भी उठाया. तभी से इमरान खान निशाने पर आ गए हैं .उन्होंने एक इंटरव्यू में पाकिस्तान में 40 आतंकी संगठन होने की बात कुबूल की. इमरान ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान की पिछली सरकारों ने अमेरिका को आतंकी संगठनों के बारे में जानकारी नहीं दी.

जब इमरान खान ने कश्मीर मुद्दे पर बात की तो उन्होंने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी और परवेज मुशर्रफ जब सत्ता में थे तो वे इस मुद्दे को सुलझाने के बहुत करीब थे. लेकिन दुर्भाग्यवश यह सब नहीं हो सका. डोनाल्ड ट्रंप के सामने इमरान ने कश्मीर मुद्दा उठाया तो इस पर ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया, जिस पर बवाल हो गया. बता दें कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे, जिसके पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था. भारत ने इस मामले में पाकिस्तान को सबूत भी दिए थे. भारत ने बालाकोट में एयरस्ट्राइक भी की थी, जहां आतंकी हमलों की साजिश रची गई थी.

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