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विराट कोहली की जगह रोहित शर्मा को बनाया जाना चाहिए वनडे और टी20 का कप्तान, ये हैं 3 बड़े कारण

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मौजूदा समय में विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान हैं और इस बात में भी कोई दोहराई नहीं है। उनकी कप्तानी के दौरान भारतीय टीम ने कई सारे मैचों में जीत हासिल की है। आपको बता दें कि यह टीम इस समय सबसे मजबूत टीम बनकर सबके सामने आई है। लेकिन सच बात यह भी है कि कोहली की कप्तानी के दौरान इंडियन टीम आईसीसी के 2 बड़े टूर्नामेंट हारकर बाहर हुई है। हालांकि इस बात का जिम्मेदार से कोहली की कप्तानी को नहीं ठहराया जा सकता। क्योंकि एक टीम सभी खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन से ही जीत हासिल करती है। हाल ही में समाप्त हुए वर्ल्डकप की बात करें। इंडियन टीम में शुरुआत में काफी अच्छा प्रदर्शन दिखाया था। लेकिन सेमीफाइनल के मैच में इंडियन टीम ने बहुत बुरी तरह से हार का मुंह देखा हैं । हालांकि यह बात तो सभी जानते हैं कि भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी है नंबर 4 की बल्लेबाजी। जिसके चलते हैं भारतीय टीम काफी समय से परेशान भी है। लेकिन इंडियन टीम ने एक या दो चुनिंदा खिलाड़ियों को छोड़कर बाकी यह जिम्मेदारी उठाने में विफल साबित हुई है। जिस का नजारा हमें सेमीफाइनल के दौरान देखने को मिला। वर्ल्ड कप हारने के बाद कहीं लोगों का मानना है कि अब भारतीय टीम की कप्तानी विराट कोहली के हाथों से निकालकर रोहित शर्मा को दे देनी चाहिए। जिसके पीछे लोगों ने कई सारे कारण भी बताए हैं तो आइए आज हम आपको ऐसे तीन कारणों के बारे में बताते हैं।

कई खिलाड़ियों को वापसी का देना चाहिए मौका

आपको बता दें कि वह शर्मा ने अपनी कप्तानी के दौरान चार बार मुंबई इंडियंस को आईपीएल का खिताब दिलाया है। भले ही टीम का भी योगदान रहा हो लेकिन उनके नेतृत्व करने की क्षमता से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि रोहित शर्मा की सबसे बड़ी सफलता का कारण यह बात भी है कि वह ज्यादातर युवा खिलाड़ियों पर भरोसा करते हैं। और उन्हें एक या दो बार असफल होने पर नहीं छोड़ते हैं। जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि खिलाड़ी भी अपना बेहतरीन प्रदर्शन देने का पूरा प्रयास करता है।

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दबाव में भी शांति के साथ काम लेना

आप सभी को बता रहे हैं कि रोहित शर्मा की सबसे बड़ी खास बात यह है। कि रोहित दवाब में भी शांति के साथ काम लेते हैं। जैसा कि एक समय पर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को देखा जाता था। विराट कोहली की बात करें तो वह ऐसे बिल्कुल भी नहीं है। डेथ ओवरों में गेंदबाजी करते समय कोहली को शायद ही गेंदबाजों के पास जाकर बात करते हुए देखा गया होगा। ऐसे समय पर ज्यादातर महेंद्र सिंह धोनी को भी अपने खिलाड़ियों से बात करते हुए और मैच को संभालते हुए देखा जाता है। इसका परिणाम यह होता है कि गेंदबाज थोड़ा भ्रमित रहता है। वहीं अगर हम रोहित शर्मा की बात करें तो। उन्होंने आईपीएल हो या भारत का कोई भी मैच जिन जिन मैचों में उन्हें कप्तानी करने का मौका मिला है। उन मैचों के दौरान उन्होंने दिखा दिया है कि वह डेथ ओवरों में गेंदबाजों को जाकर उनसे उचित परामर्श देते हैं। और 30 गज के घेरे में खड़े रहना ही पसंद करते हैं।

विचारों में भिन्नता

पिछले कुछ सालों से यह बात देखी जा रही है। कि विराट कोहली ने कप्तान के तौर पर मीडिया कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कुछ और कहा। और मैदान पर कुछ और किया। उन्होंने अंबाती रायडू को विश्व कप के दौरान नंबर चार पर बल्लेबाजी करने के विकल्प के रूप में खिलाने की बात कही थी। लेकिन इस बात को ध्यान में ना रखते हुए मैदान पर जाकर कुछ और किया । इतना ही नहीं उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध अजिंक्य रहाणे को नंबर चार पर खिलाया था। जो कि उन्होंने सबके सामने एक सलामी बल्लेबाज कहा था। कई बार कोहली को उनकी योजनाओं और निर्णय लेने को लेकर काफी ज्यादा में देखा गया है। जबकि रोहित शर्मा की अगर बात करें तो वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं। जो अपने निर्णय से बिल्कुल भी पीछे नहीं हटते हैं फिर बाद आईपीएल में कप्तानी के गैर मौजूदगी के दौरान भारतीय टीम को संभालने की। वह हमेशा जो कहते हैं वही करते हैं।

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