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सावन महीने में पार्थिव शिवलिंग पूजन करने पर मिलता है विशेष पुण्य, पूरी हो जाती है हर मनोकामना

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सावन के महीने को शिवजी का महीना कहा जाता है। इसलिए इन दिनों पार्थिव लिंग बनाकर शिव का पूजन किया जाता है। ऐसा करने से विशेष पुण्य मिलता है। आपको बता दें शिव पुराण में भी पार्थिव शिवलिंग पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। कलयुग में कुष्माण्ड ऋषि के पुत्र मंडप में पार्षद पूजन प्रारंभ किया था। शिव महापुराण के मुताबिक पूजन में धन धन आरोग्य और पुत्र की प्राप्ति के योग होते हैं। इतना ही नहीं मानसिक शांति के साथ शारीरिक कष्टों को दूर करता है।

पार्थिव पूजा का होता है विशेष महत्व

आपको बता दें इस पूजन को करने से अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त हो जाता है। शिवजी की आराधना के लिए यह पूजन आप सभी लोग कर सकते हैं। यह बात तो हम सभी जानते हैं कि सिर्फ कल्याणकारी है कि आज इतनी भक्ति करेंगे। शिव को प्रसन्न होकर मन वांछित फल देंगे। जो भी व्यक्ति पांच में शिवलिंग बनाकर विधि विधान से पूजा करता है। वह 10000 कल्प तक स्वर्ग में निवास करता है। शिव पुराण में भी है बात लिखी है कि पाठ पूजन करने से सभी दुखों का नाश होता है और सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।

जानिए कैसे होता है यह पूजन

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आपको बता देंगे या पूजन करने से पहले भारतीय लिंग का निर्माण करना होता है। इसके लिए मिट्टी या गाय का गोबर मक्खन भस्म आदि मिलाकर शिवलिंग बनाना होता है। आपको बता दें कि शिवलिंग को बनाते समय इस बात का जरूर ध्यान रखना चाहिए की है। 12 अंगुल से ऊंचा नहीं है इससे अधिक ऊंचा होने पर पूजन का पुण्य पूरा नहीं मिलता हैं। मनोकामना पूर्ति के लिए शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद भी बतलाई गई है।

मिट्टी से बनाये

इस पूजन को करने के लिए सबसे पहले शिवलिंग को बनाएं। इसको बनाने के लिए आप किसी भी पवित्र नदी तालाब के पास की मिट्टी ले सकते हैं। उस मिट्टी को पुष्प चंदन आदि से शोधित भी कर सकते हैं। मिट्टी में दूध मिलाकर शंकर के मंत्र को बोलते हुए इस मिट्टी से शिवलिंग बनाना शुरू कर दे। लेकिन शिवलिंग बनाने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि आपका मुंह यानी कि आपका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा में ही रहना चाहिए ।

शिवलिंग से पहले करें इन देवों की पूजा

आपको बता दें शिवलिंग बनाने से पहले गणेश जी विष्णु भगवान नवग्रह और माता पार्वती आदि की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद पूरे विधि-विधान से शिवलिंग का निर्माण करना चाहिए। शिवलिंग बनाने के बाद उसमें परम ब्रह्म मानकर का पूजन करना चाहिए। पार्थिव शिवलिंग सभी मनोकामना को पूर्ण करने वाला होता है।

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