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मोदी सरकार ने खेती के लिए देश के 5.6 करोड़ किसानों के बैंक खातों में डाले 4-4 हजार रुपए, क्या आपको मिले?

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मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल से ही इस बात के संकेत दे दिए हैं कि इस बार सरकार का मुख्य फोकस किसानों पर होगा. बता दें कि देश के करीब पौने छह करोड़ किसानों के बैंक अकाउंट में चार-चार हजार रुपये खेती-किसानी के लिए भेज दिए हैं. लेकिन नौ करोड़ किसान परिवार अब भी पैसे का इंतजार कर रहे हैं जिन्हें एक भी किस्त नहीं मिली है.

मालूम हो कि ऐसे हजारों पात्र किसान हैं जो भटक रहे हैं लेकिन उनके जिले के कृषि अधिकारियों और लेखपालों की लापरवाही से उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है. दरअसल ऐसे किसान सीधे मंत्रालय में फोन करके किसान हेल्प डेस्क के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं. बता दें कि वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 पर फोन करके अपनी समस्या बता दें.

मालूम हो कि ऐसे ही एक किसान हैं बुलंदशहर के गांव असदपुरघेड़ के चंद्रमणि आर्य जिन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को लिखा है कि वह नियमों के मुताबिक PM किसान सम्मान निधि के दायरे में आते हैं. दरअसल उनका पहली ही लिस्ट में नाम भी आ चुका है. बता दें कि लेखपाल से मिलकर उन्होंने बाकायदा लिस्ट में नाम चेक भी किया था. लेकिन बाद में उनका नाम कट गया और किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिला. बता दें कि उनका खेती के अलावा आय का अन्य कोई स्रोत भी नहीं है.

दरअसल आर्य लिखते हैं कि कई बार उन्होंने अपने क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क भी किया, लेकिन वह फोन नहीं उठाते. इसके बाद लेखपाल के इस व्यवहार को लेकर ग्राम प्रधान को बताया गया, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला.

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मालूम हो कि आर्य जैसे लाखों किसान अधिकारियों के रवैये की वजह से इस स्कीम का लाभ नहीं ले पा रहे. वैसे 21 जुलाई तक की रिपोर्ट के मुताबिक 5,59,66,241 किसानों को स्कीम का लाभ मिल चुका है. लेकिन यह ध्यान रखना होगा कि देश में 14.5 करोड़ किसान हैं.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा किसानों ने फायदा उठाया है. जी हां, दरअसल यहां के करीब डेढ़ करोड़ किसानों के बैंक अकाउंट में पैसा जा चुका है. जबकि दिल्ली, लक्षदीव और पश्चिम बंगाल के एक भी किसान को लाभ नहीं मिला. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां की राज्य सरकारों ने केंद्र को किसानों के नाम ही नहीं भेजे. बता दें कि केंद्र पैसा देना चाहता है लेकिन ये राज्य सरकार किसानों को लाभ नहीं लेने दे रही हैं.

जानिए किन राज्यों के किसानों को मिला सबसे ज्यादा लाभ

जानकारी के लिए बता दें कि यूपी के किसानों को सबसे अधिक फायदा मिला है. मालूम हो कि बीजेपी शासित गुजरात में 38.34 लाख, हरियाणा में 11.95 लाख, महाराष्ट्र में 52.44 लाख और उत्तराखंड में 4.8 लाख किसानों को लाभ मिला है.

वहीं जेडीयू-बीजेपी शासित बिहार में बिहार में 18.42 लाख किसानों के अकाउंट में पैसा भेज दिया गया है. जबकि कांग्रेस शासित राज्यों की बात करें तो पंजाब में 13.38 लाख, मध्य प्रदेश में 14.68 लाख, राजस्थान में 29.34 लाख, गैर कांग्रेसी तेलंगाना में 30.44 लाख और ओडिशा में 28.23 लाख लाभार्थी हैं.

पैसा पाने के लिए क्या करना होगा

आपको बता दें कि इसके लिए कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाइए. इसके बाद लेखपाल से संपर्क करें वह वेरीफिकेशन करेगा. बता दें कि रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर देना होगा. इस समय ब्लाक में भी इस स्कीम के लिए किसानों के नाम की एंट्री हो रही है.

जानिए किन्हें नहीं मिलेगा लाभ

आपको बता दें कि एमपी, एमएलए, मंत्री और मेयर को भी लाभ नहीं दिया जाएगा, भले ही वो किसानी भी करते हों. बता दें कि मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/ समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को इसका लाभ नहीं मिलेगा.

मालूम हो कि पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे इस लाभ का हकदार नहीं माना जाएगा. इसके अलावा पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले भी इस लाभ से वंचित होंगे.

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