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कैंसर जैसी बीमारियों से रहना है दूर तो शुरू करें उपवास करना, रिसर्च में हुआ खुलासा

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जैसे-जैसे समय बदलता जा रहा है। वैसे वैसे लोगों की व्रत को लेकर धारणाएं भी बदलती जा रही है। कई सारे ऐसे लोग हैं जो व्रत उपवास से अंधविश्वास का नाम देते हैं तो कई सारे लोग ऐसे भी हैं। जो व्रत करने को स्वास्थ्य के प्रति अच्छा बताते हैं। वहां से बेहतर कर्म भी मानते हैं लेकिन मूल रूप से सभी धर्मों में व्रत को लेकर ईश्वर से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे मैं इस बात को जानना बेहद जरूरी है। कि क्या व्रत करने से हम भगवान से जुड़ जाते हैं। या इसका कोई दूसरा वैज्ञानिक पहलू भी है।

दुनिया भर में कई सारी संस्कृतियों के अंदर उपवास रखा जाता है। और हर जगह अलग-अलग नाम से जाना जाता है। सामान्य वर्ग में धर्म और त्योहारों का हिस्सा मानती है। लेकिन विज्ञान से बीमारियों के खिलाफ कारगर साबित होता है। आपको बता दें जर्मनी के दो प्रतिष्ठित संस्थानों में हालिया शोध के मुताबिक वृत्त संबंधी कई जानकारियां सामने आई हैं। वैज्ञानिकों ने चूहों के पास कराया और दूसरे को नहीं इसके बाद सामने आए वह काफी ज्यादा चौंकाने वाले थे।

शरीर को मिलता है बेहद फायदा

आपको बता दें कि भोजन की बीच में लंबा अंतराल रखना चाहिए। यदि 1 दिन उपवास रखते हुए सिर्फ पानी पीना जैसा कि इन चूहों को कराया गया था। बे 5 फ़ीसदी ज़्यादा जिए।

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बुढ़ापा

आपको बता दें कि बुढ़ापे में शरीर कमजोर हो जाता है। आंख नाक कान से सुनना और दिखाई देना भी काफी कम हो जाता है। और चाल भी धीमी पड़ जाती है। लेकिन वैज्ञानिकों ने बुढ़ापे से जुड़ी 200 समस्याओं पर गौर किया बुढ़ापे पर हु वास् का कोई असर नहीं पड़ता है।

धरना शुरू हो जाता है शरीर

हालांकि शुरू में व्रत करने से शरीर को काफी ज्यादा परेशानियां होती है। लेकिन वक्त के साथ उसे भूखे पेट रहने की आदत पड़ जाती है। 12 घंटे तक कुछ ना खाने पीने वाले लोगों के शरीर में ऑटोफाग्य नाम की एक सफाई प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बेकार कोशिकाओं को शरीर अपने आप साफ करने लग जाता है। उपवास करने से भूखे रहने से नई कोशिकाओं का निर्माण होता हैं। जो कि आपके शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होती है।

कैंसर कोशिकाएं

आपको बता दें कि मैं भी मौत का सबसे बड़ा कारण कैंसर होता है। वैज्ञानिकों ने कैंसर से जूझ रहे चूहों के भी दो ग्रुप बनाए एक उपवास कराया तो दूसरे को खाना खिलाया जांच में इस बात को पाया गया कि के रहने वाले चूहों के शरीर में कैंसर कोशिकाएं धीमी गति से बढ़ रही है। और उपवास करने वाले चूहे 908 दिन जिंदा रहते हैं।

दवाई का काम करता है व्रत

आपको बता दें कि जीवन में व्रत करने से आपका सफर लंबा हो सकता है। डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियां आपको परेशान नहीं करेंगे। लेकिन व्रत का बुढ़ापे पर कोई भी असर नहीं पड़ता है।

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