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अब पेट्रोल से नहीं बल्कि गन्ने के रस से दौड़ेंगी गाड़ियां, किसान और पर्यावरण दोनों का होगा फायदा

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गरीब किसानों को फायदा पहुंचाना मोदी सरकार 2.0 की पहली प्राथमिकता रही है और यही वजह है कि सब सरकार ने ऐसी तरकीब जिससे पर्यायवरण एवं किसान दोनों का बढ़िया फायदा हो।

दरअसल अब केंद्र सरकार इथेनॉल नामक ईंधन का प्रयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित करने वाली है। बता दें कि इथेनॉल गरीब किसानों के लिए वरदान साबित होने जा रहा है। इथेनॉल के फायदे और उपयोग जानकर मोदी सरकार ने भी इसका लोहा माना है और इसके उत्पादन पर जोर देने को कहा है। दरअसल केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल में ही एक बाइक को लॅान्च किया जो पेट्रोल से नहीं बल्कि इथेनॉल से चलती है।

जानिए इथेनॉल के कैसे बदल देगा गरीब किसानों की जिंदगी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इथेनॉल करीब 50 से 55 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। हालांकि, ये पेट्रोल के मुकाबले कम माइलेज देगा।

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मालूम हो कि इस इथेनॉल को दरअसल गन्ने से बनाया जाता है और इसे भारत में कहीं भी बनाया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि भारत को इथेनॉल के लिए किसी अन्य देशों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।

मालूम हो कि इथेनॉल से भारत के किसानों को सबसे अधिक फायदा होगा। जी हां, दरअसल इथेनॉल गन्ने से बनता है। इसे चीनी मीलों या उन जगहों पर बनाया जाएगा, जहां गन्ने की खेती ज्यादा होती है।

यानी इसका मतलब यह हुआ कि पेट्रोल से जहां फायदा बड़ी तेल कंपनियों को होता है, तो वहीं, इथेनॉल के इस्तेमाल से भारत के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।

आपको बता दें कि इथेनॉल के इस्तेमाल से भारत का पैसा बचेगा और किसानों को भी फायदा होगा जबकि पेट्रोल बिक्री से आने वाले पैसे बड़ी कंपनियों और खाड़ी देशों के खाते में जाता है।

इसके अलावा जो सबसे खास बात है वो ये कि इथेनॉल पर्यावरण के लिए बहुत अनुकूल है। दरअसल इससे चलने वाली गाड़ी में पेट्रोल के मुकाबले प्रदूषण न के बराबर होता है।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके प्रयोग से गाड़ी की इंजन जल्द गर्म नहीं होती है। दरअसल इथेनॉल में अल्कोहल जल्दी उड़ जाता है, जिसके चलते इंजन जल्द गर्म नहीं होती है। यानी इथेनॉल से चलने वाली गाड़ी पेट्रोल के मुकाबले बहुत कम गर्म होती है.

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