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मोदी सरकार 2.0 के पूरे हुए 50 दिन, जानिए क्या लिए बड़े फैसले, ये है सरकार का रिपोर्ट कार्ड

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लोकसभा चुनाव 2019 में बंपर जीत दर्ज करके सत्ता में वापसी करने वाली केंद्र की मोदी सरकार 2.0 ने अपनी नई पारी के 50 दिन पूरे कर लिए हैं. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद से ही सक्रिय नहर आए हैं और जनहित में लगातार फैसले ले रहे हैं.

दरअसल मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ की बनाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार मुक्त शासन को लेकर कई बड़े फैसले किए हैं. मालूम हो कि चाहे आम आदमी की बात हो या फिर कारोबार जगत की, रक्षा मामलों की बात हो या फिर अंतरराष्ट्रीय मंच की, मोदी सरकार ने देश को नए मुकाम पर पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है.

यही कारण है कि अब जब मोदी सरकार-2 केंद्र के 50 दिन पूरे हो गए हैं तो उसके फैसलों का असर भी अब दिखाई देने लगा है. आपको याद हो कि मोदी सरकार ने बीती 5 जुलाई को बजट पेश करते हुए आम आदमी के हित में कई बड़े फैसले किए थे. हालांकि इससे पहले भी 1 फरवरी को पेश किए अंतरिम बजट में ही सरकार बड़े फैसले ले चुकी थी.

विज्ञान से हुई देश की तरक्की

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विज्ञान जगत पर मोदी सरकार का काफी फोकस रहा है. दरअसल सरकार चाहती जा कि अंतरिक्ष की दुनिया में वह भारत का लोहा मनवाए. इसलिए सरकार ने अंतरिक्ष की दुनिया में भारत के वर्चस्व को लेकर कई फैसले किए हैं-

जैसे, चंद्रयान-2 मिशन के तहत ISRO ने चांद के दक्षिणी हिस्से पर जहां अभी तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है, वहां पहुंचने का लक्ष्य रखा है. हालांकि कुछ तकनीकि खराबी के चलते इस मिशन को कुछ देरी हुई है.

इतना ही नहीं, चांद के बाद सरकार का लक्ष्य सूरज को भेदने का भी है. सूर्य को समझने के लिए 2020 में सोलर मिशन ‘आदित्य L1’ को लॉन्च किया जाएगा. बता दें कि इस मिशन के अंतर्गत यह समझने की कोशिश की जाएगी कि किस तरह वातावरण प्रभावित हो रहा है.

यही नहीं, इसके अलावा साल 2022 में गगनयान मिशन के तहत भारत पहली बार आदमी को अंतरिक्ष में भेजने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा साल 2023 में शुक्र ग्रह पर भी जाने की तैयारी है. वहां का वातावरण कैसा है इसका भी अध्ययन किया जाएगा.

किसानों के हित में सरकार ने लिए बड़े फैसले

जब से मोदी सरकार ने अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया है तभी से सरकार ने ये साफ कर दिया है कि इसका फोकस किसान पर बहुत ज्यादा है. दरअसल मोदी सरकार ने साल 2022 तक किसानों की आमदनी बढ़ाकर दोगुनी करने का लक्ष्य सरकार ने रखा हुआ है.

बता दें कि सरकार ने पिछले कार्यकाल में पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी. दूसरे कार्यकाल में सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए इसमें देश के सभी लगभग 6 करोड़ किसानों को शामिल कर दिया है.

मालूम हो कि सरकार ने कम लागत और ज्यादा पैदावर के लिए पारंपरिक तरीके से खेती करने के तरीके पर जोर दिया है. यही कारण है कि वित्त वर्ष 2019-20 में एग्रीकल्चर-रूरल इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए 75 हजार एंटरप्रेन्योर को ASPIRE स्कीम के तहत मदद मिलेगी.

सभी को घर और हर घर में गैस-बिजली कनेक्शन

आपको बता दें कि मोदी सरकार वर्ष 2022 तक देश के हर परिवार के पास अपना घर हो, इसको लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बेहद गंभीर है. मालूम हो कि इस योजना के तहत अगले दो सालों में 1.95 करोड़ लोगों के लिए घरों का निर्माण किया जाएगा.

यही नहीं, इसके अलावा आजादी की 75वीं वर्षगांठ यानी कि साल 2022 के अवसर पर सरकार का मकसद है कि देश के घर-घर में बिजली और गैस कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध हो.

घर और कारोबार के लिए मिलेगा अब सस्ता कर्ज

आपको बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने घर खरीदने और घर बनाने के लिए सस्ता कर्ज मुहैया कराने की मुहीम शुरू कर दी है. दरअसल अगर आप 45 तक का घर खरीदते हैं तो ब्याज पर 1.5 लाख एक्स्ट्रा ( कुल 2 लाख +1.5 लाख = 3.5 लाख) तक छूट मिलेगी. मालूम हो कि फिलहाल, इस स्कीम का फायदा 31 मार्च, 2020 तक लिए जाने वाले लोन पर उठाया जा सकता है.

इसके अलावा छोटे कारोबारियों के लिए पेंशन स्कीम लागू करने के लिए ‘प्रधानमंत्री कर्म योगी मानधन योजना’ की शुरुआत की गई है. आपको बता दें कि इस योजना के तहत 1.5 करोड़ से कम सालान टर्नओवर वाले करीब 3 करोड़ रिटेलर्स और दुकानदारों को पेंशन मिलेगी.

कारोबार और कॉरपोरेट जगत को बड़ी राहत

मालूम हो कि मोदी सरकार देश के व्यापार को बढ़ाने पर अच्छा खासा जोर दे रही है. दरअसल इसके लिए सरकार ने कॉरपोरेट जगत के लिए बजट में कई अहम फैसले लिए थे. बता दें कि अब 400 करोड़ तक सालान टर्नओवर पर कॉरपोरेट टैक्स 25% ही लगेगा.

आपको बता दें कि पहले यह सीमा 250 करोड़ रुपये थी. दरअसल टर्नओवर की सीमा बढ़ाने से करीब 99.30% कंपनियों इस दायरे में आ गई हैं. अब इन कंपनियों को कम टैक्स भरना होगा.

यही नहीं, इसके अलावा ब्‍याज माफी योजना के त‍हत GST में पंजीकृत सभी MSME के लिए नए अथवा बढ़े हुए कर्ज पर 2% ब्‍याज छूट के लिए 2019-20 में 350 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.

आपको बता दें कि SC/ST लोगों को एंटरप्रेन्योरशिप में आगे लाने के लिए ‘स्टैंड अप इंडिया’ स्कीम की शुरुआत की गई है जो वर्ष 2025 तक चलेगी.

इंफ्रास्ट्रक्चर और इंवेस्टमेंट को दिया जाएगा बढ़ावा

मालूम हो कि केंद्र की मोदी सरकार ने अगले 5 सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 100 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा है. जी हां, दरअसल इसके लिए एक तरह की स्पेशल कमेटी का गठन भी किया जाएगा जो लॉन्ग टर्म फंडिंग की दिशा में काम करेगी.

यही नहीं, आपको बता दें कि वर्ष 2030 तक रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 50 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य भी रखा गया है. दरअसल यह निवेश PPP यानी कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में किया जाएगा.

इसके अलावा इलाहाबाद और मुगलसराय के बीच तीसरी रेलवे लाइन का विस्तार किया जाएगा. बता दें कि 150 किलोमीटर का रेल लाइन बिछाने के लिए 2650 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

सिर्फ इतना ही नहीं, सड़क परिवहन और यातायात के अन्य साधन के क्षेत्र में क्रांति के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, भारतमाला प्रोजक्ट, सागरमाला प्रोजेक्ट, जल मार्ग विकास और UDAN स्कीम में तेजी लाई जाएगी.

विदेशी निवेश को बढ़ाना है लक्ष्य

आपको बता दें कि मोदी सरकार ने यह कहा है कि निवेशकों को लुभाने के लिए हर साल ग्लोबल इंवेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा. NIIF यानी कि नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के माध्यम से विश्वभर के निवेशकों से भारत में निवेश की अपील की जाएगी.

यही नहीं, इसके अलावा विदेश में रहने वाले भारतीयों को भारतीय पासपोर्ट पर देश आते ही Aadhaar जारी किया जाएगा. बता दें कि उन्हें अब इसके लिए 180 दिनों का इंतजार नहीं करना होगा. दरअसल इसके अलावा NRI पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट को फॉरेन पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट यानी कि FPI में शामिल किए जाने की योजना है.

बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर को मजबूत करना है फोकस

मालूम हो कि बैंकिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार ने 70 हजार करोड़ रुपये जारी करने का फैसला किया है. जी हां, दरअसल NBFC यानी कि नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कॉरपोरेशन सेक्टर की देखरेख अब RBI करेगा. यह सेक्टर फिलहाल भारी कर्ज के बोझ दले दबा हुआ है.

इसके अलावा इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए PAN की अनिवार्यता भी अब खत्म कर दी गई है. दरअसल अब Aadhaar की मदद से भी रिटर्न फाइल किया जा सकता है.

नौजवानों का हो सुनहरा भविष्य

केंद्र की मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही इस बात के संकेत दे दिए हैं कि ये सरकार देश के नौजवानों पर अपना खासा फोकस कर रही है. यही कारण है कि युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल और कौशल प्रबंधन की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है.

दरअसल सरकार ने खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत नेशनल स्पोर्ट्स एजुकेशन बोर्ड यानी कि NSEB का गठन किया जाएगा.

वहीं दूसरी तरफ हायर एजुकेशन हब बनाने के लिए सरकार ने ‘स्टडी इन इंडिया’ प्रोग्राम की शुरुआत की है. दरअसल सरकार का लक्ष्य विदेशों से ज्यादा से ज्यादा छात्रों को शिक्षा के लिए भारत लाना है.

इतना ही नहीं, इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, रोबोटिक्स आनेवाले वक्त में टेक्नोलॉजी की दुनिया की जरूरत है और भविष्य है. बता दें कि सरकार इन क्षेत्रों में युवाओं को स्किल करने की दिशा में काम करेगी. दरअसल रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन यानी कि NRF का गठन भी किया जाएगा.

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