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मात्र 50 रुपए के खर्चे में 100 किमी दौड़ेगी ये कार, बस एक मिनट में ही हो जाती है चार्ज

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एक तरफ दिन प्रतिदिन बढ़ती पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें और दूसरी तरफ तेज़ी से बढ़ता प्रदूषण, ये दो ऐसे प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का काफी सुनहरा भविष्य खासतौर पर भारत में दिखलाई दे रहा है.

यही कारण है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में बदल रहा है. दरअसल यह एक तरीका है जिससे इस नए युग में लोगों को महंगे तेल और प्रदूषण से मुक्ति मिल सकती है. आपको बता दें कि इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्ज करने के लिए लगातार अब नए-नए सेंटर खुल रहे हैं और चार्जिंग के लिए नई-नई तकनीकें ईजाद हो रही हैं.

दरअसल उत्तराखंड अल्मोड़ा के काफलीखान क्षेत्र में रहने वाले रवि टम्टा ने एक ऐसा यंत्र तैयार किया है, जिससे कुछ ही मिनटों में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज किया जा सकता है और इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें लागत भी न के बराबर आएगी.

आपको बता दें कि रवि टम्टा ने डेढ़ साल की मेहनत के बाद एक ऐसी इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन तैयार की है जिससे काफी कम समय और कीमत में वाहनों को चार्ज किया जा सकता है. दरअसल रवि ने बताया यह एक ऐसी मशीन है, जिससे एक मिनट में कोई इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किए जा सकते हैं. बता दें कि अभी यह हल्द्वानी के तिकोनिया में स्थित चड्ढा पेट्रोल पंप पर इस इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन का प्रदर्शन भी कर चुके हैं.

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दरअसल रवि साइंस में ग्रेजुएशन कर रहे हैं. वह कहते हैं आज की जरूरत है कि इलेक्ट्रिक वाहन लेकिन इन वाहनों की फास्ट चार्जिंग की व्यवस्था अभी बेहद कम है. उनका कहना है कि इसी को देखते हुए मैंने इस प्रयोग को अपनाया है. रवि के अनुसार, तेज गति से चार्जर की व्यवस्था न होने के कारण इन वाहनों को लेने में लोग संकोच कर रहे हैं.

एक मिनट की चार्जिंग पर 100 किमी चलेगी कार

दरअसल रवि का यह दावा है कि इस मशीन से वाहन को अगर 1 मिनट तक चार्ज किया जाए तो वह करीब 100 किलोमीटर चल सकता है. उन्होंने बताया कि वे हल्द्वानी में कई वाहनों के साथ इसका प्रदर्शन भी कर चुके हैं. उनके अनुसार इस मशीन से जहां वाहन को 1 मिनट में चार्ज किया जा सकता है, वहीं इसकी एक बार में लागत 40 से 50 रुपये के आसपास आती है.

दरअसल रवि ने बताया कि जिस प्रकार से डीजल-पेट्रोल एक मिनट में भरते हैं. ठीक उसी प्रकार इलेक्ट्रिक वाहनों में एक मिनट में इलेक्ट्रोलाइट भर सकते हैं. इससे इलेक्ट्रिक वाहन फुल चार्ज हो जाता है. मालूम हो कि रवि के अनुसार लेड एसिड बैट्री में 38% सल्फ्यूरिक एसिड और 62% डिस्टिल वाटर के मिश्रण को इलेक्ट्रोलाइट कहते हैं, जो चार्ज व डिस्चार्ज होता है.

बता दें कि जब इलेक्ट्रिक वाहन की बैट्री डिस्चार्ज होती है तो डिस्चार्जिंग के दौरान सल्फ्यूरिक एसिड ओडायल्यूट होते रहते हैं. बता दें कि इसी पूरी प्रक्रिया के बाद बैटरी 1 मिनट में चार्ज हो जाती है.

हालांकि रवि ने यह बताने से इनकार कर दिया है कि इसमें कौन-कौन सी मशीनें लगी हैं और इसे बनाने में कौन सी विधि का इस्तेमाल किया गया है. दरअसल इस विषय पर उनका कहना है कि कुछ दिनों में इसे सार्वजनिक किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वह कई हैरत अंगेज मशीनों का ईजाद कर चुके हैं, लेकिन प्रोत्साहन न मिल पाने के कारण वह ऐसी ही गुम पड़ी हैं.

प्रदूषण में आएगी कमी

दरअसल रवि ने यह भी बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल-डीजल का अच्छा विकल्प बन सकते हैं. इससे वाहनों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण भी कम होगा. लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों में चार्जिंग की समस्या के कारण ज्यादातर लोग बैटरी चलित वाहनों को लेने में संकोच करते हैं. इसीलिए ऐसी तकनीक तैयार की गई है जिसमें एक मिनट में सारे काम हो जाएं.

मोबाइल चार्ज करने वाला जूता

मालूम हो कि काफलीखान में ऑटोमोबाइल की दुकान चलाने वाले मैकेनिक हरीश टम्टा के पुत्र रवि टम्टा ने बताया कि वो बचपन से ही इस प्रकार के खोज और वैज्ञानिक ढंग की चीजें बनाते हैं. दरअसल उन्होंने कहा कि साल 2014 में उन्होंने एक खास किस्म का जूता बनाया था जिसके माध्यम से फोन चार्ज किया जा सकता है और एक हेलीकाप्टर भी बनाया है जो कि 10 फीट तक की ऊंचाई तक उड़ सकता है.

आपको बता दें कि रवि टम्टा ने अपने इस प्रयोग का प्रदर्शन दिल्ली के प्रगति मैदान में लगने वाले वर्ल्ड एनवायरनमेंट एक्सपो 2019 में कर चुके हैं, जिसके लिए इन्हें इंडियन एक्जीवेशन की ओर से प्रमाणपत्र भी दिया गया है.

मालूम हो कि रवि ने अब इस इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन के निर्माण और ट्रायल के बाद देश के सड़क एवं परिहवन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर इस थीम को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग की भी मांग की है.

सिर्फ इतना ही नहीं इसके अलावा वह इलेक्ट्रिक की गाड़ी बनाने वाली कंपनी टेस्ला को भी मेल के माध्यम इसकी जानकारी दे चुके हैं. बस इंतजार इन सबके जवाब का है. दरअसल उनका कहना है कि, ‘यह खोज मैं प्रधानमंत्री को बताना चाहता हूं. उन तक पहुंचने के प्रयास में भी लगा हूं.’

आपको बता दें कि हल्द्वानी के हरबंश पेट्रोल के मैनेजर महेश भट्ट के अनुसार रवि ने अपनी इस मशीन से बिल्कुल जीरो चार्जिग में आने वाले ई-रिक्शे को एक मिनट में चार्ज किया है. उन्होंने दूरी भी तय की है. इस तरकीब को प्रोत्साहित करने की अवश्यकता है. इसकी बाजार में बहुत मांग है.

वहीं हल्द्वानी के ही ई-रिक्शा चालक अहमद ने बताया कि, ‘हम बिल्कुल जीरो चार्ज बैटरी को इनके पास चार्जिंग के लिए ले गए थे. उन्होंने एक से दो मिनट के अंदर इसे चार्ज कर दिया है. घर का चार्जर 7 से 8 घंटे चार्जिंग के लिए लेता है.’

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