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अब आप घर बैठे ही कर सकते हैं ट्रैफिक चालान का भुगतान, शुरू हुआ ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम

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मोदी सरकार द्वारा चलाए गए डिजिटिलाइजेशन मुहिम का ही असर है कि भारत मे अब लगभग हर चीज डिजिटल हो गई है और इसका फायदा आम जनता को ही है।इसी कड़ी में अब एक और सुविधा भी शामिल हो गई है। जी हां, दरअसल अब आप घर बैठे ट्रैफिक चालान जमा करा सकेंगे।

आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने शुक्रवार को ई-चालान और ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम का उद्घाटन किया गया है। दरअसल इस सिस्टम के जरिए वाहन चालकों का चालान रजिस्ट्रेशन वाहन के नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन नंबर पर एसएमएस के जरिए भी पहुंचेगा और रजिस्ट्रेशन वाहन के पते पर भी पहुंचेगा।

मालूम हो कि इसके लिए वे किसी भी क्रेडिट या डेबिट कार्ड का प्रयोग करने के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाता धारक नेट बैंकिंग से भी चालान का भुगतान कर सकेंगे। बता दें कि इस सिस्टम को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र यानी कि NIC के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस ने विकसित किया है।

हो चुका है फाइनल ट्रायल

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आपको बता दें कि इस सिस्टम की टेस्टिंग के दौरान नई मशीनों से 6,03,503 चालान जारी किए गए और उनके जरिए करीब साढ़े 9 करोड़ रुपए जुर्माने के रूप में जमा हुए। मालूम हो कि ट्रायल के दौरान 58% से ज्यादा लोगों ने क्रेडिट या डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए जुर्माना अदा किया।

बता दें कि ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक 16 जून से 18 जुलाई के बीच इस सिस्टम का फाइनल ट्रायल किया गया। दरअसल इस दौरान कुल 28,024 नोटिस जारी किए गए, जिनमें से 16,369 नोटिसों का लोगों ने ई-पेमेंट के जरिए भुगतान किया और 39,62,820 रुपए का रेवेन्यू जनरेट हुआ।

अन्य राज्यों की पुलिस के पास भी पहुंचेगा चालान का डेटा

आपको बता दें जिस भी वाहन चालक का राजधानी दिल्ली में चालान कटेगा, उस वाहन संख्या के आधार पर संबंधित राज्य के आरटीओ के पास भी वाहन का चालान होने की जानकारी मिल जाएगी। दरअसल इससे होगा ये कि किसी भी राज्य में किसी भी वाहन के चालान के बारे में आसानी से जानकारी हो सकेगी।

वाहन चालक की पूरी डिटेल होगी पुलिस के पास

आपको बता दें कि इस सारथी एप के जरिए एनसीआरबी से सभी वाहन चालकों के लाइसेंस का डेटा भी लिया गया है, जिससे वाहन चालक के लाइसेंस का नंबर डालते ही सिस्टम उसके बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध करा देगा। मालूम हो कि इससे यह भी पता लग जाएगा कि लाइसेंस फर्जी है या नहीं। इसके अलावा लाइसेंस धारक का पहले कितनी बार और किस नियम के उल्लंघन पर चालान हो चुका है, इस जानकारी भी मिल जाएगी।

चोरी की गाड़ियों की होगी पहचान

आपको बता दें इस सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि अब दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड गाड़ियों या दूसरे राज्यों में बने ड्राइविंग लाइसेंस की डिटेल भी पुलिस को नई चालान मशीनों पर एक क्लिक करके मिल जाएगी। दरअसल इससे बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान करना भी काफी आसान हो जाएगा। वहीं चोरी की गाड़ियों की पहचानने में भी इससे मदद मिलेगी।

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