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कार एवं बाइक चलाने वालों के लिए आई बड़ी खबर, मोटर व्हीकल एक्ट में हुआ संशोधन, जानिए नए 13 नियमों के बारे में

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अब सड़क पर चलना पहले से थोड़ा सेफ होने वाला है, जी हां, दरअसल केंद्रीय कैबिनेट ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है. बता दें कि इस बिल का मकसद रोड एक्सीडेंट से जुड़े कारणों को दूर करना और सड़क यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई करना है.

दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए पुराने बिल में करीब 88 संशोधन किए गए हैं. यही कारण है इसे नया बिल ही माना जा रहा है.

जानिए मोटर व्हीकल एक्ट के नए नियमों के बारे में..

1. इस नए संशोधन के अनुसार अगर नशे में ड्राइविंग करते हुए पाए गए तो ऐसी स्थिति में जुर्माना 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया जाएगा.

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2. वहीं अगर किसी आपातकालीन गाड़ी जैसे एम्बुलेंस को रास्ता नहीं दिया तो पहली बार 10,000 रुपये के ज़ुर्माने का प्रावधान किया गया है.

3. ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करने पर जुर्माना 100 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए किया गया.

4. अगर बिना हेलमेट गाड़ी चलाते हुए पाए गए तो 1,000 रुपये का जुर्माना और 3 महीने के लिए लाइसेंस ज़ब्त करने का प्रावधान. बता दें कि अभी तक बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर ज़ुर्माना केवल 100 रुपये है.

5. इसके अलावा अगर मामला रैश ड्राइविंग का है तो उसमें जुर्माना राशि बढ़ाकर 1000 रुपए से 5 हजार रुपए की जाएगी.

6. वहीं अगर ओवर स्‍पीडिंग या तेज गाड़ी चलाई तो फाइन 500 से बढ़कर 1 से 2 हजार किया जा सकता है.

7. इसके अलावा बिना DL ड्राइविंग पर न्‍यूनतम जुर्माना 500 रुपए से बढ़ाकर अधिकतम 5 हजार रुपए किया गया.

8. वहीं सीट बेल्‍ट न बांधने पर जुर्माना 100 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए किया जाएगा.

9. नए मोटर व्हीकल बिल में अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते पकड़ा गया तो उसके अभिभावक या गाड़ी के मालिक दोषी माना जाएगा.

और इसके लिए 25,000 रुपये के ज़ुर्माने के साथ साथ 3 साल के जेल का प्रावधान है. साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द करने का प्रावधान है.

10. बता दें कि अब लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद 1 साल तक लाइसेंस को रिन्यू यानी फिर से बनवाया जा सकेगा. दरअसल अभी तक यह समय सीमा केवल 1 महीने तक थी.

11. मालूम हो कि अब लाइसेंस लेने या गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर अनिवार्य किया जाने का प्रस्ताव भी है.

12. आपको यह भी बता दें कि अगर सड़क के गलत डिजाइन या उसके निर्माण और उसके रखरखाव की कमी के चलते दुर्घटना में किसी की मौत हुई तो सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार, सलाहकार के साथ और सिविक एजेंसी जिम्मेदार होगी.

बता दें कि ऐसी दुर्घटनाओं के एवज में मुआवजे के दावे की का निपटारा 6 महीने के भीतर करना अनिवार्य बनाया जाएगा

13. इसके अलावा अगर किसी गाड़ी के पुर्जे की क्वालिटी कम होने के चलते गाड़ी की दुर्घटना होती है तो सरकार उन सभी गाड़ियों को बाजार से वापस लेने का अधिकार भी रखेगी. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इसके साथ ही निर्माता कंपनी पर अधिकतम 500 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

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