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यहां खुला देश का पहला Garbage कैफे, प्लास्टिक कचरा दीजिए और बदले में खाना लीजिए

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भारत में यूं तो कई दिक्कतें हैं लेकिन एक समस्या जिसको स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार उठा चुके हैं वो है साफ सफाई से संबंधित समस्या. दरअसल स्वच्छता अभियान चलाने के बावजूद देश अभी पूर्णतयः स्वच्छ नहीं हुआ है. ऐसे में जन भागीदारी हो तो इस समस्या का समाधान निकल आएगा. वैसे एक खबर के अनुसार प्लास्टिक रूपी कचरे को कम करने के संबंध में एक प्रयास छत्तीसगढ़ में हुआ है.

जी हां, दरअसल आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में देश का पहला Garbage cafe खुला है, जहां लोगों को प्लास्टिक कचरे के बदले खाना मिलेगा। दरअसल इस कैफे के तहत नगरपालिका गरीब और बेघर लोगों को प्लास्टिक कचरे के बदले में खाना खिलाएगी। खास बात यह है कि इस प्लास्टिक को राेड बनाने के काम में लाया जाएगा।

इस तरह काम करेगी योजना

आपको बता दें कि इस कैफे को अंबिकापुर शहर के मुख्य बस अड्डे से संचालित किया जाएगा। दरअसल इस नई पहल के तहत एक किलो प्लास्टिक कचरा लाने वाले लोगों को पूरा भोजन कराया जाएगा, जबकि 500 ग्राम कचरा लाने वालों को अच्छी मात्रा में नाश्ता कराया जाएगा। बता दें कि शहर के मेयर अजय तिरके ने हाल ही में शहर के म्युनिसिपल बजट में इस कैफे को शुरू करने का प्रस्ताव दिया है।

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प्लास्टिक का इस्तेमाल होगा सड़क बनाने में भी

मालूम हो कि अंबिकापुर को इंदौर के बाद देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। वैसे अब आप यह भी सोच रहे होंगे कि ये कैफे जो कूड़ा लेगा उसका होगा क्या। दरअसल आपको बता दें कि इस कैफे में इकट्ठा होने वाले प्लास्टिक को सड़क बनाने के काम में लगाया जाएगा।

जी हां, दरअसल शहर में इसके पहले भी प्लास्टिक के टुकड़ों और डामर से सड़क बनाई गई है। आपको बता दें कि इस सड़क के निर्माण में 8 लाख प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल किया गया था। दरअसल यह सड़क अन्य सड़कों के मुकाबले मजबूत होती है क्योंकि पानी इसमें से नहीं गुजर पाता।

गरीब और बेघरों को मिलेगा खाना

आपको बता दें कि बजट में गारबेज कैफे स्कीम के लिए 5 लाख रुपए का आवंटन कर दिया गया है। जी हां, दरअसल इस कैंपेन के तहत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन शहर के गरीब और बेघरों को प्लास्टिक कचरे के बदले खाना तो मिलेगा ही, साथ ही ऐसे लोगों के लिए रहने का इंतजाम भी किया जाएगा.

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