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बिजली चोरों की अब आएगी शामत, देशभर में बनाए जाएंगे अलग थाने, दिसंबर से मिलेगी 24 घंटे बिजली

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अब बिजली चोरों से निपटने के लिए सरकारें काफी गंभीर हो गई हैं। जी हां, दरअसल अब बिजली चोरी से निपटने के लिए देश के सभी राज्यों में अलग से थाने बनेंगे। इन थानों में बिजली चोरी के मामले ही दर्ज कराए जाएंगे। बता दें कि यहां तैनात पुलिसकर्मी बिजली चोरों को पकड़ने एवं उनपर कार्रवाई का काम करेंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में केंद्र एवं सभी राज्यों में सहमति भी बन गई है। दरअसल हाल ही में राज्यों के बिजली मंत्रियों के साथ केंद्र सरकार की बैठक में यह फैसला किया गया। मालूम हो कि इस साल दिसंबर से उपभोक्ताओं को 24 घंटे सातों दिन बिजली देने की भी कोशिश की जा रही है।

24 घंटे बिजली आए इसके लिए सभी राज्य एक निगरानी प्रणाली विकसित करेंगे

मालूम हो कि बिजली मंत्रालय के अनुसार 24 घंटे बिजली देने के लिए सभी राज्य पहले एक निगरानी प्रणाली विकसित करेंगे। दरअसल ऐसा इसलिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिजली वितरण कंपनियां जैसे डिस्कॉम 24 घंटे बिजली की आपूर्ति कर रही है या नहीं। और अगर नहीं कर रही है तो किन कारणों से नहीं कर पा रही है ताकि बिजली की आपूर्ति बाधित होने पर डिस्कॉम के खिलाफ जो भी उचित कार्रवाई हो उसको किया जा सके।

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दरअसल मंत्रालय के मुताबिक तेलंगाना राज्य की तरफ से निगरानी प्रणाली विकसित की गई है और अन्य राज्यों को इस साल दिसंबर तक यह काम करने के लिए कहा गया है। बता दें कि सभी राज्य सरकार इसके लिए राजी है। हालांकि केंद्र सरकार इस साल अप्रैल से ही सातों दिन 24 घंटे बिजली आपूर्ति की बात कर रही थी। मालूम हो कि पिछले 2 साल से बिजली मंत्री आर.के. सिंह कई बार इस बात को दोहरा चुके हैं कि 1 अप्रैल, 2019 से सरकार 24 घंटे बिजली देगी।

बिजली को सस्ती करने का है प्रयास

दरअसल आपको बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार राज्यों के साथ मिलकर बिजली की दरों को कम करने की भी लगातार कवायद कर रही है। बता दें कि राज्यों के बिजली मंत्रियों के साथ केंद्र की बैठक में यह बात सामने आई कि सस्ती दरों पर बिजली मुहैया नहीं कराने पर निवेश आकर्षित नहीं होगा। राज्यों को कहा गया कि उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उन्हें बिजली की इंडस्ट्रियल रेट को कम करना होगा।

बता दें कि राज्यों ने यह कहा है कि क्रास सब्सिडी, वसूली की लागत, एग्रीगेट ट्रांसमिशन एंड कमर्शियल (एटीएंडसी) लॉस की वजह से बिजली की ओवर ऑल लागत अधिक आ रही है। याद हो कि बीती 5 जुलाई को पेश बजट में राज्यों से क्रास सब्सिडी छोड़ने का जिक्र किया गया।

दरअसल क्रास सब्सिडी से डिस्कॉम की बैलेंस शीट खराब होती है क्योंकि सरकार डिस्कॉम को किसानों एवं गरीब को लागत के कम मूल्य पर बिजली देने के लिए कहती है, लेकिन उसकी भरपाई करने में काफी देर कर देती है या नहीं करती है।

दरअसल चक्कर यह है कि इस वजह से डिस्कॉम को काफी नुकसान उठाना पड़ता है और कई बार उनके पास बिजली खरीदने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं होते। यही मुख्य कारण है कि केंद्र एवं राज्य सरकारों ने फैसला किया है कि क्रास सब्सिडी खत्म करके स्मार्ट मीटर शुरू किया जाए।

बता दें कि हर घर में स्मार्ट मीटर या प्रीपेड मीटर होने पर बिजली की खपत के मुताबिक हर हाल में सभी उपभोक्ताओं को भुगतान करना होगा जिससे डिस्कॉम की वित्तीय सेहत बनी रहेगी। दरअसल अगर ऐसा होगा तभी सातों दिन 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हो पाएगी।

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