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ICC के इस एक फैसले ने तबाह कर दिया इन 30 क्रिकेटरों का करियर

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आईसीसी ने जिंबाब्वे क्रिकेट बोर्ड को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया, जिसके बाद इस देश के क्रिकेटरों के कैरियर पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. जिंबाब्वे टीम के कुछ खिलाड़ियों ने आईसीसी के इस फैसले को उनके करियर का अंत बताया तो वहीं कुछ ने यह कहकर दुख प्रकट किया कि वह इस तरह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा नहीं कहना चाहते थे.

दरअसल, आईसीसी ने यह फैसला जिंबाब्वे सरकार द्वारा वहां के क्रिकेट बोर्ड को निलंबित किए जाने के बाद लिया. आईसीसी के मुताबिक, जिंबाब्वे क्रिकेट बोर्ड राजनीतिक हस्तक्षेप और क्रिकेट में सरकार की दखलअंदाज़ी को खत्म करने का वादा पूरा नहीं कर सका, जिससे यह कदम उठाया गया.

आईसीसी के इस कदम से जिंबाब्वे के क्रिकेटरों ने निराशा जताई. टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी सिकंदर रजा ने कहा कि इस फैसले ने कई लोगों को बेरोजगार कर दिया. इस फैसले का असर कई परिवारों पर पड़ रहा है. ब्रेंडन टेलर ने भी इस पर अपना दुख प्रकट किया.

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आईसीसी द्वारा जिंबाब्वे क्रिकेट बोर्ड को निलंबित करने का असर इस देश के पूरे क्रिकेट ढांचे पर पड़ा है. लेकिन सबसे ज्यादा उन 30 खिलाड़ियों और उनके परिवारों पर पड़ेगा, जो इस देश के लिए क्रिकेट खेलने मैदान पर उतरते रहे. इनमें से 15 खिलाड़ी बोर्ड के कांट्रैक्ट का हिस्सा भी हैं. जिंबाब्वे की टीम अगले साल जनवरी में भारतीय टीम से तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेलने वाली थी. लेकिन अब यह भी खतरे में पड़ गई है.

ये है जिंबाब्वे के वो 30 खिलाड़ी

आरपी बर्ल, टी. चतारा, टीएस कामुनहुकाम्वे, डब्‍ल्यू पी मसाकद्जा, मायर, आर. मरे, मुजाराबानी, रोची, तिरिपानो, चकाबवा, चिभाभा, क्रिस इर्विन, मरुमा, मसवाउरे, मूर, मुसाकांडा, ए. एनदोल्वु, सिकंदर रजा, सीन विलियम्स, बी. चारी, चिगुंबुरा, जारविस, हैमिल्टन मसाकद्जा, मावुता, मोफू, मुतुमबामी, नगारावा, ब्रेंडन टेलर, झुवाओ.

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