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1 से 5 लाख रुपए में शुरू हो जाएगा ये बिजनेस, होगी अच्छी कमाई, मोदी सरकार 90% लोन देकर करेगी मदद

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मोदी सरकार ने पिछले कुछ समय से देश में LED लाइट्स को बढ़ावा देने के प्रयास किए हैं। इन्हीं प्रयासों के चलते मोदी सरकार ने कुछ समय पहले DELP योजना की शुरुआत की थी। बता दें कि अब इसका नाम बदलकर उजाला कर दिया गया है।

मालूम हो कि अब तक यह योजना काफी सफल रही है। इससे LED लाइट्स के बिजनेस में संभावनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में अगर आपको भी यह बिजनेस शुरू करना है तो बता दें कि ये व्यापार शुरू करना न केवल आसान है, बल्कि सस्‍ता भी है। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

कम पूंजी में शुरू करें ट्रेडिंग

आपको बता दें कि LED लाइट्स की ट्रेडिंग शुरू करना भी एक मुनाफे का सौदा है। इसके लिए आपको एक मार्केट में दुकान किराए पर लेनी होगी और फिर आप LED लाइट्स की सेल शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आप किसी होल सेल मार्केट से लाइट्स मंगवा सकते हैं या किसी सप्‍लायर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए आपको 1 से 2 लाख रुपए के इन्वेस्‍टमेंट की जरूरत पड़ेगी।

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सप्‍लायर भी बन सकते हैं

मालूम हो कि आप LED सप्‍लायर के तौर पर भी अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। आप 2 से 3 लाख रुपए के इन्वेस्‍टमेंट से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। इसके लिए सर्वप्रथम आपको स्‍टोर के लिए जगह का इंतजाम करना होगा। आप चाहे तो होलसेल मार्केट में दुकान भी ले सकते हैं।

इसके बाद आपको मैन्‍यूफैक्‍चरर्स या लाइट्स की असेंबलिंग करने वाले कारोबारियों एवं सेलर्स से भी संपर्क करना होगा। इसके अलावा इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको एक मजबूत और सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन सर्विस की जरूरत पड़ेगी।

यूं लगाएं असेंबलिंग यूनिट

बता दें कि आजकल मार्केट में LED लाइट्स की डिमांड बढ़ती जा रही है। ऐसे समय में LED लाइट्स बनाने वाली असेंबलिंग यूनिट लगाई जा सकती है। मालूम हो कि एक छोटी यूनिट पर 5 से 7 लाख रुपए का खर्च आएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत सरकार के पास लोन भी अप्‍लाई किया जा सकता है।

मशीनरी के तौर पर कंपोंनेट फॉर्मिंग, सोल्‍डरिंग मशीन, डिजिटल मल्‍टीमीटर, टेस्‍टर, सीलिंग मशीन, पैकेजिंग मशीन, एलसीआर मीटर, स्‍मॉल ड्रिलिंग, लक्‍स मीटर जैसी मशीनों की जरूरत पड़ेगी।

रॉ मैटेरीयल के लिए LED चिप्‍स, रेक्‍टीफायर सर्किट, हीट सिंक डिवाइस, मैटेलिक कैप होल्‍डर, प्‍लास्टिक बॉडी, रिफलेक्‍टर प्‍लास्टिक ग्‍लास, कनेक्टिंग वायर , सोल्‍डरिंग फ्लक्‍स मंगवाना होगा। दरअसल इनको असेंबल करके एलईडी लाइट्स तैयार की जा सकती है।

कंपोनेंट बनाने का भी है मौका

आपको बता दें कि एलईडी की डिमांड बढने के बाद देश में कई बड़ी लाइटिंग इंडस्‍ट्री ने LED लैंप की मैन्‍यूफैक्‍चरिंग शुरू कर दी है। ऐसे में कारोबारी लैंप के कंपोनेंट बनाने का कारोबार शुरू कर सकते हैं। जी हां, दरअसल छोटी वर्कशॉप लगाने पर शुरू में 5 लाख रुपए तक का खर्च आएगा। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र या एमएसएमई मंत्रालय से उद्योग आधार रजिस्‍ट्रेशन कराने के बाद लोन के लिए अप्‍लाई किया जा सकता है।

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