Loading...

अपने रिटायरमेंट को लेकर कुछ इस तरह से करें निवेश, बाद में नहीं होगी कोई भी मुश्किल

0 11

जब बात निवेश की आती है ज्यादातर लोग अपने रिटायरमेंट को ध्यान में रखकर निवेश करते हैं. लेकिन जैसे ही वो रिटायरमेंट के नजदीक पहुंचते हैं या फिर रिटायर हो चुके होते हैं ऐसे में कहां निवेश करना चाहिए यह बड़ा सवाल बन जाता है.

दरअसल जैसे-जैसे आप रिटायरमेंट के करीब पहुंचते हैं, वैसे ही आपके पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव की जरूरत होती है. ऐसे में रिटायरमेंट के नजदीक होने पर आपको कहां निवेश करना चाहिए ये कभी कभार एक समस्या बन जाती है. लेकिन हम आपको आज इस समस्या का निवारण देंगे तो चलिए जानते हैं इसके बारे में..

रिटायरमेंट के बाद के लिए लक्ष्य करें निर्धारित

आपको बता दें कि रिटायर होने के बाद सबसे पहले अपने तय खर्चों का हिसाब लगाएं और फिर इसके बाद अन्य खर्चों का हिसाब भी अलग से करें. उदाहरण के लिए मान लीजिए कि आपकी मौजूदा सैलरी 50,000/महीने है.

Loading...

इसके अलावा टैक्स और इंश्योरेंस पर आपको 8000 प्रति महीने खर्च करना पड़ता है. दरअसल रिटायरमेंट के बाद ये खर्चे आपको अपनी जेब से करने होंगे. अब अगर आपका मौजूदा खर्च अगर 30,000 रुपये महीने है, और महंगाई अगर 8% की दर से बढ़ती है तो आपको रिटायरमेंट के बाद 40,147 प्रति महीने खर्च की जरूरत होगी. ऐसे में आपको रिटायरमेंट के बाद के लिए आपको 31,254 रुपये महीने निवेश करना होगा.

रिटायरमेंट के नजदीक होने पर करें ये काम

ऐसा अक्सर देखा गया है कि ज्यादातर लोग रिटायरमेंट की ढंग से तैयारी नहीं करते. दरअसल आपको बता दें कि रिटायरमेंट के लिए सिर्फ EPF और PPF के सहारे प्लानिंग नहीं की जा सकती है. जी हां, दरअसल रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए इक्विटी निवेश जरूरी है.

मालूम हो कि BSE सेंसेक्स ने 15% का सालाना रिटर्न दिया है. रिटायरमेंट के लिए इस तरह का रिटर्न आवश्यक है. शुरुआत में इक्विटी में ज्यादा निवेश करना बेहतर होता है. रिटायरमेंट के नजदीक पहुंचने पर डेट में निवेश सही रहता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें जोखिम कम होता है.

रिटायरमेंट के बाद इस तरह करें निवेश

मालूम हो कि रिटायर होने के बाद पूंजी जमा करने पर आपका मुख्य फोकस होना चाहिए. दरअसल निवेश में कम से कम जोखिम उठाना बेहतर साबित होता है. बता दें कि 20% निवेश सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में करना अच्छा रहेगा.

आपको बता दें कि वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल के लिए SCSS स्कीम के तहत 8.6% ब्याज मिलता है. इसके अलावा SCSS में निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनेफिट भी मिलता है. मालूम हो कि आप कुछ फीसदी रकम फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट्स में लगा सकते हैं. दरअसल बैंक फिक्स्ड डिपोजिट के मुकाबले डेट फंड बेहतर विकल्प होत हैं.

ये गलतियों करने से बचें

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिटायर्ड निवेशक को भावनात्मक निवेश से दूर रहने की जरूरत होती है. जी हां, दरअसल दूसरों की देखादेखी निवेश करने से आपका नुकसान हो सकता है. यही कारण है कि निवेश का हर फैसला सोच-समझकर लेना चाहिए.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.