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2 लाख रुपए में शुरू हो जाएगा फ्लाई ऐश ईंट का कारोबार, हर महीने होगी 1 लाख रुपए तक की कमाई

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यदि आप भी उनमें से हैं जिनके पास अपनी जमीन है और आप कम निवेश में कारोबार करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। जी हां, दरअसल आज हम आपको एक ऐसे कारोबार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे आप करीब 100 गज खाली जमीन से शुरू कर सकते हैं।

निवेश की बात जहां तक है तो बता दें कि इस कारोबार को शुरू करने के लिए आपको कम से कम 2 लाख रुपए का निवेश करना होगा। दरअसल इस निवेश के जरिए भी आप हर महीने 1 लाख रुपए तक की कमाई कर सकते हैं।

मालूम हो कि बिल्डवैल इंडस्ट्रीज नोएडा के प्रॉपराइटर शरद शर्मा ने इस कारोबार की पूर्ण जानकारी दी। चलिए जानते हैं इस कारोबार को शुरू करने में आपको क्या क्या चीज की आवश्यकता पड़ेगी और आपको क्या क्या करना होगा..

फ्लाई ऐश ईंट का कारोबार देता है कम निवेश में बेहतर आय

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिल्डवैल इंडस्ट्रीज के प्रॉपराइटर शरद शर्मा के मुताबिक आज के दौर में बढ़ते शहरीकरण के कारण ईंटों की उपलब्धता काफी कम हो गई है। इस समस्या से निपटने के लिए अधिकांश बिल्डर फ्लाई ऐश ईंटों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

दरअसल इन फ्लाई ऐश ईंटों का निर्माण बिजली संयंत्रों से निकलने वाली राख, सीमेंट और बदरपुर (यानी कि स्टोन डस्ट) के मिश्रण से तैयार किया जाता है। दरअसल शरद के अनुसार कोई भी व्यक्ति 2 से 2.5 लाख रुपए के निवेश से फ्लाई ऐश ईंट उत्पादन का कारोबार कर सकता है।

मालूम हो कि आप इस निवेश से मैन्युअली मशीन लगा सकते हैं। दरअसल इस मशीन को 30 फुट गुना 30 फुटा यानी करीब 100 गज की जमीन में लगाया जा सकता है। इस मशीन के जरिए ईंट उत्पादन के लिए आपको 5 से 6 लोगों की जरूरत होगी।

आपको बता दें कि यह मशीन रोजाना करीब 3000 ईंटों को उत्पादन करती है। यानी आप महीने में करीब 90 हजार ईंटों का उत्पादन कर सकते हैं। ज्ञात हो कि इस निवेश में कच्चे माल की लागत शामिल नहीं है।

इस तरह होगी कमाई ( ये आंकड़े मैन्युअल मशीन के हैं)

एक दिन में होगा 3,000 ईंटों का उत्पादन

इस तरह एक महीने में 90 हजार ईंटों का उत्पादन होगा

मान लीजिए कि 1 हजार ईंटों की कीमत है करीब 5,000 रुपए

तो इस प्रकार 90 हजार ईंटों की कीमत होगी 4,50,000 रुपए

वहीं 1 ईंट की लागत (सभी खर्चों सहित) है करीब 3.50 रुपए

तो 90 हजार ईंटों की लागत (सभी खर्चों सहित) होगी 3,15,000

इस तरह सभी खर्चों को काटकर कुल बचत होगी 1,35,000 रुपए की

नोट: जानकारी के लिए बता दें कि श्रमिकों की मजदूरी और कच्चे माल की कीमत के आधार पर लागत घट-बढ़ सकती है।

ऑटोमेटिक मशीन से होगी अधिक कमाई

दरअसल शरद शर्मा का कहना है कि मांग बढ़ने पर आप ऑटोमेटिक मशीन से भी फ्लाई ऐश ईंटों का निर्माण कर सकते हैं। उनके अनुसार इस मशीन की कीमत 10 से 12 लाख रुपए होती है। इसमें कच्चे माल के मिश्रण से लेकर ईंट बनाने तक की सभी मशीनें शामिल हैं।

शरद ने बताया कि ऑटोमैटिक मशीन से 1 घंटे में 1000 ईंटों का निर्माण किया जा सकता है। यानी मतलब यह हुआ कि आप इस मशीन से महीने में 3 से 4 लाख ईंटों का निर्माण कर सकते हैं।

बैंक से लोन लेकर प्रारंभ कर सकते हैं कारोबार

अगर आपको भी इस कारोबार को प्रारंभ करना है तो बता दें कि आप इस कारोबार को बैंक से लोन लेकर भी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत भी इस कारोबार के लिए लोन लिया जा सकता है।

बता दें कि इन योजनाओं के अंतर्गत केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की ओर से मिल रही सब्सिडी का लाभ आपको मिलता है। इसके अलावा आप मुद्रा योजना के तहत लोन लेकर भी कारोबार शुरू कर सकते हैं।

मालूम हो कि मुद्रा योजना के तहत बैंक बिना किसी गारंटी कम ब्याज दरों पर विभिन्न श्रेणियों में 50 लाख रुपए तक का लोन देते हैं। बता दें कि शरद का कहना है कि वह लोन के लिए जरूरी कागजात भी उपलब्ध कराते हैं।

पहाड़ी क्षेत्र के लिए इस वजह से फायदेमंद है यह कारोबार

दरअसल शरद शर्मा के अनुसार उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मिट्टी की कमी के कारण ईंटों का उत्पादन नहीं हो पाता है। इस कारण इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब जैसे मैदानी राज्यों से ईंटों की आपूर्ति होती है।

यही वजह है कि परिवहन लागत बढ़ने के कारण इन ईंटों की कीमत बढ़ जाती है। ऐसे में आप पहाड़ी क्षेत्रों में इस मशीन की मदद से बदरपुर और सीमेंट से ईंट बनाने का कारोबार कर सकते हैं। दरअसल पहाड़ी क्षेत्र में बदरपुर की बेहतर उपलब्धता के कारण इसकी लागत में भी कमी आ जाती है। इससे आपकी बचत भी ज्यादा होती है।

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