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रावण की तीन बुराइयों की वजह से ही हुआ उसके वंश का नाश

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रामचरितमानस के अंदर रावण को बुराइयों का प्रतीक माना जाता है। रावण की वजह से उसके पूरे परिवार का नाश हो गया। कहा जाता है कि रावण का सर्वनाश किया उसके घमंड ने। इतना ही नहीं यह भी कहा जाता है कि श्रीलंका के सारे रावण को रावण के बुरे कर्मों की वजह से प्राण त्यागने पड़े। शक्ति के घमंड से चूर रावण ने कभी इस बात को नहीं सोचा था कि उसके परिवार का भी इस तरह से नाश हो जायेगा।

रामायण के मुताबिक राक्षस फुल के अधिकतर सदस्य रावण की चाटुकारिता करते रहते थे। उन लोगों को रावण का भय था। और जो सत्य बोलने की हिम्मत रखता था उसकी बात रावण कभी भी नहीं सुनता था। इतना ही नहीं पूरे रावण परिवार की बागडोर रावण के हाथों में थी। लेकिन रावण खुद अपने अहंकार के हाथ की कठपुतली था। आपको बता दें कि रावण के सर्वनाश की सबसे बड़ी वजह है। उसका अहंकार था क्योंकि जो उसका अहंकार कराता था। वही वह करता था उसके अहंकार की वजह से उसका श्री राम ने वध किया।

अहंकार क्रोध और स्वार्थ कारण उसे अपने कर्मो का फल मिला। इसलिए हमेशा इस बात को ध्यान रखना चाहिए कि हमारे कर्म कि हमारा भविष्य है हमारे द्वारा किए गए कर्मों की बाद और हमारे परिवार के साथ बंधी है। हम जिस तरह से अपने कर्म करेंगे उसी तरह से हमें फल मिलेगा।

परिवार में चाहते हैं सुख शांति तो ध्यान रखें यह बातें

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आपको बता दें कि हम सभी की आदतों का असर हमारे परिवार पर पड़ता है। इसीलिए हमें अपनी बुरी आदतों को हमें जल्दी से जल्दी छोड़ देना चाहिए। क्योंकि जब एक व्यक्ति का अहंकार उसके परिवार में प्रवेश करता है। तो वह व्यक्ति पर हावी हो जाता है। इतना ही नहीं परिवार में केवल उसको वह स्वयं ही दिखाई देता है। इसलिए हमको सभी के बारे में सोचना चाहिए। क्योंकि हमारे द्वारा की गई एक गलती हमारे पूरे परिवार का नाश कर सकती है।

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