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PM मोदी ने दिखाई सख्ती, ‛कौन मंत्री अपनी ड्यूटी पूरी नहीं करता है, शाम तक मुझे उसका नाम बताओ’

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातों को अनसुना करने वाले सांसदों की क्लास एक बार फिर मोदी ने लगाई. जी हां, दरअसल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भाजपा सांसदों से कहा कि वे अपने संसदीय क्षेत्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएं. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रियों के काम को लेकर भी सख्ती दिखाई है.

यही नहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने उन मंत्रियों के प्रति नाराजगी भी जाहिर की है जो अपनी ड्यूटी पूरी नहीं कर रहे हैं. मोदी ने ऐसे मंत्रियों का नाम बताने को कहा है. बता दें कि भाजपा की संसदीय बैठक मंगलवार को संसद की लाइब्रेरी बिल्‍डिंग में हुई, जिसमें पीएम खुद मौजूद थे.

‘रोस्टर ड्यूटी’ पूरी करें मंत्री

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने केन्द्रीय मंत्रियों से उनकी ‘रोस्टर ड्यूटी’ पूरा करने के लिए कहा. उन्होंने भाजपा संसदीय दल की बैठक में कहा कि जो मंत्री रोस्टर ड्यूटी में उपस्थित नहीं रहते हैं, उनके बारे में उसी दिन शाम तक उन्हें बताया जाए.

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पहले प्रभाव का असर अंत तक

मालूम हो कि सूत्रों के अनुसार भाजपा संसदीय दल की बैठक में मोदी ने सांसदों से कहा कि पहली बार जो प्रभाव पड़ता है, उसका असर अंत तक बना रहता है. इसलिए पहला इंप्रेशन अच्छा होना चाहिए. दरअसल इस बार भाजपा में अधिकतर सांसद पहली ही बार जीत कर आये हैं.

बता दें कि मोदी ने कहा कि सांसदों को अपने क्षेत्रों के विकास के लिए दिल लगा कर काम करना चाहिए. उन्होंने सांसदों को कुष्ठ एवं तपेदिक (टीबी) रोगों के उन्मूलन जैसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़े मुद्दे उठाने को कहा.

पीएम मोदी ने पहले भी जताई थी नाराजगी

मालूम हो कि संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले भी इस बात पर कई बार नाराजगी जतायी थी कि जब संसद का सत्र चल रहा होता है तो कई बार सांसद सदन में उपस्थित नहीं रहते.

बता दें कि इस बार उन्होंने अपना ध्यान मंत्रियों की ओर केंद्रित करते हुए कहा कि संसद में भाग लेना केवल सांसदों का ही काम नहीं है. मंत्रियों को भी इसमें हिस्सा लेना चाहिए.

सामाजिक विषयों को लेना चाहिए ‘मिशन’ के तौर पर

दरअसल जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि उन्हें मानवीय संवेदनाओं से जुड़े मुद्दों या सामाजिक विषयों को एक ‘मिशन’ के तौर पर लेना चाहिए और सांसद के रूप में अपना दायित्व निभाना चाहिए.

जोशी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से कहा कि वे अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ काम करें.

यही नहीं उन्होंने (मोदी) आकांक्षी जिलों का जिक्र करते हुए सांसदों से कहा कि वे उनकी प्रगति के लिए अधिकारियों के साथ समन्वय करें. यहां आपको बता दें कि अल्पविकसित जिलों को आधाकारिक रूप से आकांक्षी जिलों का नाम दिया गया है.

जानिए इस बैठक में कौन हुआ शामिल

आपको बता दें कि भाजपा की इस संसदीय बैठक में पीएम मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश राज्‍य मंत्री वी मुरलीधरन के अलावा तमाम वरिष्‍ठ नेता शामिल हुए.

मालूम हो कि 14 जुलाई को भाजपा ने लोकसभा व राज्‍यसभा सदस्‍यों को नोटिस जारी कर आज की इस बैठक के बारे में सूचित कर दिया था ताकि सभी इसमें मौजूद रहें.

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