Loading...

IS के चंगुल से छूटकर लौटी यजीदी महिला ने सुनाई अपनी आपबीती, 3 बच्चों को छोड़ लौटी अपने घर

0 421

यजीदी महिला जिहान कई सालों जिहादियों की कैद में रहने के बाद रिहा हुई है। उसने अपना दर्द बयां किया। उसने बताया कि कई सालों तक उसे तमाम पीड़ाएं झेलनी पड़ी। इसके बाद वह इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों से हुए तीनों बच्चों को वहां छोड़ आई। हालांकि उसके लिए यह आसान नहीं था। पर उसने यह निर्णय सोच-समझकर लिया।

जिहान कासिम ने कहा कि वह उन बच्चों को साथ नहीं ला सकती थी। वह आईएस के बच्चे हैं। यह बच्चे उन्हें इस्लामिक स्टेट समूह द्वारा किए गए अत्याचारों की याद दिलाते हैं। जिहान कासिम ने कहा कि मैं ऐसा कैसे कर सकती हूं। जब मेरे तीन भाई बहन अब भी आईएस की कैद में है। 2014 में इराक के सिंजार से दर्जनों यजीदी महिला और लड़कियों का बलात्कार किया गया। उन्हें बेच दिया गया और जिहादियों से उनकी शादियां करवा दी गई।

जिहान कासिम का कहना है कि उन बच्चों का क्या किया जाए जो जबरन बनाए गए यौन संबंधों से पैदा हुए हैं। महिलाएं अपने जख्मों को भरना चाहती है, लेकिन जिहादी संतानों की वजह से वे अपने सदमे से उबर नहीं पा रही है। जिहान कासिम को जब अगवा किया गया था तो वे 13 साल की थी। जब वह 15 साल की हुई तो ट्यूनीशियाई आईआईएस लड़ाके से शादी करवा दी गई।

जब अमेरिका समर्थित बलों को इस बात की जानकारी मिली कि वह यजीदी है तो वह उसे और उसके दो बच्चों, 1 साल की बेटी और 4 महीने के नवजात को दूर ले गई, जो पूर्वोत्तर सीरिया के आश्रय में पीड़ित अन्य महिलाओं के साथ रह रहे हैं। इस आश्रय को यजीदी हाउस नाम से जाना जाता है। इसने महिला की तस्वीरें फेसबुक पर डाली, जिसके बाद उसके बड़े भाई सलमान ने उसकी पहचान की।

Loading...

सलमान अपनी बहन को घर वापस लाना चाहता है। लेकिन उनके बच्चों को बिना। इसी वजह से जिहान ने अपने तीनों बच्चों के बिना घर वापस लौटने का निर्णय किया। उन्होंने कहा कि वह काफी छोटे हैं। मेरा उनसे लगाव था और उनका मुझसे। लेकिन वे दाएश बच्चे हैं। मेरे पास उनकी कोई तस्वीर भी नहीं है और मैं उन्हें याद भी नहीं रखना चाहती।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.