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अब सड़क हादसे में मृत्यु होने पर मिलेगा 5 लाख रुपये और गंभीर घायल होने पर 2.5 लाख रुपए का मुआवजा

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केंद्र की मोदी सरकार दिन प्रतिदिन बढ़ते सड़क हादसों को लेकर गंभीर है और इसी वजह से सरकार ने मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल 2019 गुरुवार लोकसभा में पेश कर दिया। आपको बता दें कि इस बिल में सरकार ने सड़क हादसों के कारण होने वाली मौतों पर आम आदमी को 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का प्रस्ताव दिया है। यही नहीं, इसके साथ ही ऐसे में मामलों में गंभीर रूप से घायल लोगों को 2.5 लाख रुपए का मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।

दोष दायित्व नहीं हो तब भी मिलेगा मुआवजा

आपको बता दें कि लोकसभा में लिखित उत्तर देते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बिल में मोटर वाहन के उपयोग से होने वाले किसी भी हादसे के कारण मृत्यु के मामले में पीड़ित को बिना दोष दायित्व के तहत 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का प्रस्ताव किया किया है।

इतना ही नहीं इसके साथ ही गंभीर चोटों के मामले में यह राशि 2.5 लाख रुपए तय की गई है। यहां आपको बता दें कि मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल 2019 को कुछ समय पहले ही कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी थी। दरअसल इसके बाद ही इसे लोकसभा में पेश किया गया है।

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लाइसेंस व्यवस्था हो और कठोर ऐसा है प्रस्ताव

दरअसल केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नए बिल में लाइसेंसिंग व्यवस्था को कठोर करने, यातायात के नियमों के उल्लंघन पर दंड में बढ़ोतरी, वाहनों की फिटनेस की ऑटोमैटिक जांच, दोषपूर्ण वाहनों की वापस मंगाने का प्रावधान, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी का कार्यान्वयन, सड़कों पर सड़क सुरक्षा को लागू करना और नए अपराधों को शामिल किया गया है। बता दें कि इस बिल में परिवहन एग्रीगेटर्स को वैधानिक मान्यता प्रदान करने के लिए संशोधनों का प्रस्ताव है। दरअसल ऐसा माना जा रहा है कि इससे कैब और बस एग्रिगेटर्स को फायदा होगा।

इलेक्ट्रिक वाहन के पंजीकरण पर नहीं देना होगा कोई शुल्क

दरअसल उन्होंने कहा कि इस बिल में देश में बैटरी ऑपरेटिड वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी पर पंजीकरण शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव दिया गया है।

यही नहीं, इसके साथ ही सरकार ने केंद्रीय मोटर व्हीकल रूल्स 1989 में संशोधन कर वाहन चालक के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की शर्त को भी हटा दिया गया है।

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