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जानिए आखिर क्यों होना चाहिए आपके पास PAN कार्ड, कहां आता है सबसे ज्यादा काम

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देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बीती 5 जुलाई को पेश किए गए आम बजट में सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए पैन की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. दरअसल अब आधार से भी आईटीआर भरा जा सकेगा. लेकिन, पैन को आधार से लिंक कराने की अनिवार्यता खत्म नहीं हुई है.

जी हां, दरअसल पैन को आधार से लिंक कराने की अंतिम तारीख 31 सितंबर है. इसे लिंक नहीं कराने पर यह रद्द किया जा सकता है. लेकिन, सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि पैन कार्ड आखिर होता क्या है.

जानकारी के लिए बता दें कि पैन या परमानेंट अकाउंट नंबर 10 डिजिट का एक ऐसा नंबर है, जो आपकी फाइनेंशियल स्टेट्स को दिखाता है. दरअसल आयकर विभाग की ओर से इसे जारी किया जाता है. बता दें कि शॉपिंग से लेकर आयकर रिटर्न भरने तक आज पैन की अहमियत काफी ज्यादा है.

मालूम हो कि आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए अभी तक पैन अनिवार्य रहा है. वहीं, कुछ अन्य जरूरी काम काजों के लिए भी पैन अनिवार्य किया गया है. बता दें कि 5 लाख या उससे अधिक की अचल संपत्ति को खरीदने के दौरान भी पैन का उल्लेख करना जरूरी है. दरअसल आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसे सभी नियमों को साफ-साफ बताया गया है.

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जानिए पैन कार्ड क्यों है आवश्यक

दरअसल इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के दौरान आपका आधार पैन के साथ लिंक होना जरूरी है. ऐसा न होने पर आपका आईटीआर प्रोसेस नहीं होगा.

बता दें कि आयकर विभाग के मुताबिक बैंक ड्राफ्ट की नकद खरीद, पे ऑर्डर या एक दिन में 50,000 रुपए या उससे ऊपर के बैंकर्स चेक के लिए भी पैन कार्ड देना होता है.

इसके अलावा लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम में भी 50,000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर भी आपको अपने पैन नंबर की जानकारी देनी होती है.

मालूम हो कि कंपनी के शेयर्स खरीदने के लिए भी पैन की जरूरत होती है. खासकर उस मामले में जब आप कंपनी को शेयर के बदले 50,000 रुपए या उससे ऊपर पेमेंट करते हैं. यही नहीं कंपनी के डिबेंचर और बॉण्ड खरीदने के लिए भी पैन देना आवश्यक है.

इसके अलावा 1 लाख से ऊपर की कीमत वाली सिक्योरिटीज और म्युचुअल फंड्स यूनिट्स को खरीदने पर भी पैन अनिवार्य है. दरअसल इसकी सीमा भी 50,000 रुपए या उससे ज्यादा के भुगतान पर है.

मालूम हो कि वित्तीय संस्थानों में टाइम डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में 50,000 रुपए से अधिक रकम जमा करने पर पैन कार्ड जरूरी है.

बता दें कि पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट में भी 50,000 रुपए से अधिक की नकदी जमा करने पर पैन नंबर देना अनिवार्य है.

दरअसल क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड के आवेदन के लिए भी पैन कार्ड दिया जाता है. इससे आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की जानकारी हासिल की जाती है.

मालूम हो कि होटल और रेस्त्रां में 25,000 रुपए से ऊपर के बिल के लिए भी पैन कार्ड देना आवश्यक है.

इस तरह बनवाएं पैन कार्ड

मालूम हो कि अगर आप आयकर भुगतान के दायरे में आते हैं तो आपके लिए पैन कार्ड काफी जरूरी है. दरअसल पैन कार्ड के लिए आपको 49ए फॉम डाउनलोड करना होता है. बता दें कि इसे आप आयकर विभाग की वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं. हालांकि, यह फॉर्म आयकर पैन सेवा केंद्रों पर भी उपलब्ध होता है.

आपको बता दें कि इसमें आवेदन के बाद आपको एक नंबर दिया जाता है. दरअसल इसके जरिए आप यह पता कर सकते हैं कि आपके पैन कार्ड का स्टेटस क्या है. यानी कि मतलब यह है कि आप इसके जरिए यह पता कर सकते हैं कि आपका पैन कार्ड बनने की किस प्रक्रिया से गुजर रहा है और आपको यह कितने दिन में मिल जाएगा.

मालूम हो कि पैन कार्ड बनवाने में 150 से 200 रुपए तक का खर्च आता है. इसकी खास बात यह है कि पैन कार्ड के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है.

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