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बजट से निकलीं आपके काम की ये 9 बातें, इन्हें ध्यान से जरूर पढ़ें

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट संसद में पेश कर दिया है। इसमें सीतारमण ने वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में लोगों को ज्यादा से ज्यादा खर्च करने के लिए प्रेरित किया है। इसके लिए वित्त मंत्री ने कर छूट की सीमा भी बढ़ा दी है।

इसके अलावा आम आदमी के लिए कई नियमों में बदलाव किया है। चलिए जानते हैं कि अब आप कहां पर टैक्स में छूट पा सकते हैं और कहां पेहले से अधिक टैक्स देना पड़ेगा..

1- आपको बता दें कि 45 लाख रुपए तक के मकान की खरीद के लिए ब्याज पर आयकर छूट अब 2 लाख रुपए की जगह 3.5 लाख रुपए हो गई है। दरअसल इसका लाभ 31 मार्च 2020 तक होम लोन लेने पर मिलेगा।

2- वहीं अगर आप 31 मार्च 2030 तक लोन के जरिए इलेक्ट्रिक व्हीकल लेते है तो आपको 1.50 लाख रुपए तक की ब्याज पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा।

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3- बता दें कि अगर आप 31 मार्च 2021 से पहले अपनी संपत्ति बेचकर स्टार्टअप में निवेश करते हैं तो इस संपत्ति से मिलने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

4- मालूम हो कि नेशनल पेंशन स्कीम यानी कि एनपीएस से एकमुश्त निकासी पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ा दी गई है। दरअसल अब 60% धन की निकासी पर टैक्स नहीं लगेगा।

5- बता दें कि केंद्र सरकार ने आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए पैन नंबर की अनिवार्यता को अब समाप्त कर दिया है। दरअसल अब आप आधार नंबर की सहायता से रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

6- मालूम हो कि अब आपको आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए ज्यादा माथापच्ची नहीं करने पड़ेगी। जी हां, दरअसल आयकर विभाग आपको पहले से ही भरा हुआ आयकर फॉर्म देगा। इसमें आपकी आय, निवेश आदि की जानकारी मौजूद रहेगी।

7- बता दें कि 2 से 5 करोड़ की कर योग्य आय पर 3% का सरचार्ज बढ़ाया गया है। अब ऐसे लोगों को 39% टैक्स देना होगा। वहीं जिनकी कर योग्य आय 5 करोड़ रुपए से अधिक है उन पर 7% का सरचार्ज लगाया गया है। अब ऐसे लोगों को 43% की दर से टैक्स देना होगा।

8- मालूम हो कि अगर आप विदेश में रहने वाले सगे संबंधी को 50 हजार रुपए से अधिक की नकदी या संपत्ति का हस्तांतरण करते हैं तो प्राप्तकर्ता को अब टैक्स देना होगा।

9- बता दें कि अगर आपकी कर योग्य आय तय सीमा से कम है तो भी आपको निम्न स्थिति में आईटीआई दाखिल करने होगा:

जब आपने चालू खाते में एक वित्त वर्ष में 1 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा किए हों

अगर आपने विदेश यात्रा पर 1 साल में 2 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किए हों

इसी प्रकार यदि आपने एक साल में 1 लाख रुपए से ज्यादा का बिजली बिल जमा किया हो

इसके अलावा अगर आपको प्रॉपर्टी की बिक्री या निवेश से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन मिला है

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