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भारत में अब रात 11:30 से सुबह 6 तक बंद रहेगा व्हाट्सऐप, जानिए क्या है इस वायरल मैसेज का सच

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सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जिस पर आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता रहता है। चाहे फिर वो कोई खबर हो या फिर कोई तस्वीर हो या कोई वीडियो हो। दरअसल ऐसा ही कुछ इन दिनों हाल ही में डाउन हुए फेसबुक, वॉट्सऐप से संबंधित हो रहा है.

जी हां, आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर बीती रात से एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल इसमें यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार की घोषणा अनुसार मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप रोज रात 11 बजकर 30 मिनट से सुबह 6 बजे तक बंद रहेगा।

इतना ही नहीं ये भी कहा जा रहा है कि वायरल मैसेज को फॉरवर्ड ना करने पर वॉट्सऐप डीएक्टिवेट हो जाएगा, और इसे वापस एक्टीवेट करने के लिए 499 रुपए खर्च करने होंगे। सोशल मीडिया पर इसी तरह के कुछ अन्य मैसेजेस भी शेयर किए जा रहे हैं। चलिए जानते हैं कि इनमें कितना सच है और कितना झूठ है..

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क्या हुआ है वायरल

मालूम हो कि इस वायरल मैसेज में यह लिखा जा रहा है कि शनिवार से वॉट्सऐप फ्री नहीं रहेगा।

इसमें बताया गया है कि वॉट्सऐप को फ्री में इस्तेमाल करने के लिए यूजर को फ्रीक्वेंट यूजर बनना होगा।

दरअसल ऐसा करने के लिए मैसेज को 10 लोगों को भेजना होगा, जिससे वॉट्सऐप का लोगो हरे से नीले रंग में बदल जाएगा।

बता दें कि गूगल के हवाले से एक अन्य मैसेज भी शेयर किया जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि सैटेलाइट कनेक्शन में कुछ समस्या आने के कारण वॉट्सऐप एक हफ्ते के लिए बैन कर दिया गया है।

इस दौरान यूजर्स वीडियो, फोटो, वॉइस रिकॉर्डिंग और स्टेटस आदि डाउनलोड नहीं कर पाएंगे

क्यों है ये फेक

बता दें कि इस वायरल मैसेज जैसी कोई भी घोषणा भारत सरकार ने नहीं की है।

मालूम हो कि मैसेज वायरल होने के कुछ समय पहले से वॉट्सऐप, फेसबुक और मैसेंजर ऐप में फोटो डाउनलोड, अपलोड और सेंड ना होने जैसी समस्याएं देखी जा रहीं थी।

बता दें कि फेसबुक ने 4 जुलाई की रात को ट्वीट करके बताया था कि इन समस्याओं को सुधारा जा रहा है।

दरअसल उन्होंने लिखा था कि, “हम जानते हैं कि कुछ लोगों को हमारे ऐप पर फोटो, वीडियो और अन्य फाइल्स अपलोड या सेंड करने में समस्या पेश आ रही है। परेशानी के लिए हमें खेद है, और हम जल्द से जल्द चीजें वापस सामान्य करने के लिए काम कर रहे हैं.”

कुछ घंटों बाद फेसबुक ने ट्वीट करके बताया कि परेशानी सुलझा ली गई है.

बता दें कि वॉट्सऐप के अबॉउट सेक्शन के अनुसार वॉट्सऐप ने 2014 में फेसबुक को जॉइन किया था।

यही कारण है कि दूसरे दावे के विपरीत गूगल कंपनी वॉट्सऐप में आ रही समस्या के लिए जिम्मेदार नहीं है।

दरअसल अब यह स्पष्ट है कि फेसबुक के तीनों प्लेटफॉर्म फेसबुक, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम में 4 जुलाई को फोटो, वीडियो आदि अपलोड और सेंड करने में समस्या आ रही थी, जिसे सुधार लिया गया है।

इसलिए भारत सरकार द्वारा वॉट्सऐप को बंद करने या गूगल द्वारा इसे बैन करने संबंधी वायरल दावे फर्जी हैं।

टेक एक्सपर्ट से जानिए फेसबुक के बार-बार डाउन होने की बजह

आपको बता दें कि 3 जुलाई से 4 जुलाई के बीच फेसबुक और इसके अन्य ऐप्स की सर्विसेज प्रभावित होने को लेकर यूजर्स के मन में कई सवाल उठे थे। इन्हीं सवालों के जवाब यूएस बेस्ड टेक एक्सपर्ट सिद्धार्थ राजहंस ने मीडिया को दिए।

दरअसल टेक एक्सपर्ट सिद्धार्थ राजहंस के अनुसार फेसबुक पर करीब 2.3 बिलियन यूजर एक्टिव हैं। बता दें कि ये आंकड़ा दुनिया की एक तिहाई जनसंख्या के बराबर है। इतना बड़ा यूजरबेस होने के कारण यूजर्स का डाटा भी बहुत ज्यादा होता है।

मालूम हो कि फेसबुक ने नॉर्डिक देशों में अपने डाटा सेंटर बना रखे हैं, जहां यूजर्स का डाटा स्टोर होता है। दरअसल इन डाटा सेंटर के रेग्युलर रखरखाव के दौरान कई बार फेसबुक यूजर्स को इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बता दें कि इसी साल मार्च में भी फेसबुक 14 घंटों तक डाउन रहा था।

हाल ही में डाउन हुए फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप के पीछे क्या था कारण

मालूम हो कि फेसबुक और अन्य ऐप्स के रूटीन मेंटनेन्स के दौरान एक डाटा सेंटर से दूसरे डाटा सेंटर में सर्वर होस्टिंग शिफ्ट करने के कारण 3 और 4 जुलाई को फेसबुक डाउन हुआ। दरअसल स्वयं फेसबुक ने भी ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी करके आउटेज के पीछे यही कारण बताया था।

क्या आगे भी यूजर्स झेल सकते हैं इस तरह की परेशानी

बता दें कि सिद्धार्थ के अनुसार फेसबुक के 15 साल के इतिहास में पहली बार सबसे लंबे समय यानी 15 घंटे के लिए यूजर्स को सर्विसेज में परेशानी का सामना करना पड़ा है। दरअसल फेसबुक ने साल 2012 में इंस्टाग्राम और साल 2014 में वॉट्सऐप को खरीद लिया था।

बताया जाता है कि इसके बाद से फेसबुक के सर्वर्स पर यूजर का ज्यादा लोड हो गया है। फेसबुक ने कई बार ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा है कि वे इस समस्या को सुलझाने के लिए ज्यादा डाटा सेंटर्स स्थापित करने पर काम कर रहे हैं।

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