Loading...

2.5 लाख में शुरू कर सकते हैं सोलर स्पिनिंग मिल, हर महीने होगी 1 लाख रुपए तक की कमाई

0 18

गर्मी का सीजन चल रहा है ऐसे में इस सीजन में आप मात्र 2.50 लाख रुपए में सोलर से चलने वाले स्पिनिंग मिल लगा सकते हैं। जी हां, दरअसल इस मिल में तैयार यार्न यानी कि सूत, धागा से आप रेडीमेड गारमेंट तक बना सकते हैं।

आपको बता दें कि इसके लिए आपको चरखे लगाने होंगे, जो सोलर से चलेंगे। मालूम हो कि इस प्रोजेक्‍ट को सरकार की ओर से भी सपोर्ट मिलता है। दरअसल सरकार न केवल 90% तक लोन देती है, बल्कि 25% तक सब्सिडी भी सरकार की तरफ से दी जाती है।

आज हम आपको सरकारी एजेंसी खादी विलेज इंडस्‍ट्री कमीशन (केवीआईसी) द्वारा तैयार की गई एक प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के बारे में बताएंगे। दरअसल इस प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट को आधार बना कर आप सरकार से प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत लोन भी ले सकते हैं और अपना व्यापार प्रारंभ कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ..

Loading...

क्‍या है प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट

जानकारी के लिए बता दें कि केवीआईसी की प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्‍ट की लागत लगभग 24 लाख 87 हजार रुपए होगी। दरअसल इसमें से केवल 10% यानी 2 लाख 48 हजार रुपए आपको लगाना होगा। बाकी का 90% टर्म लोन यानी लगभग 22 लाख 39 हजार रुपए प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत लोन मिल जाएगा।

कितनी मिलेगी सब्सिडी

मालूम हो कि सरकार सेल्‍फ इम्‍पलायमेंट को बढ़ावा देने के लिए 25% तक सब्सिडी देती है। ऐसे में, सोलर चरखे से कताई, बुनाई एवं प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर 6 लाख 22 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। दरअसल इसे खादी ग्रामोद्योग कमीशन की मार्जिन मनी कहा जाता है।

नहीं देना पड़ेगा ब्‍याज

दरअसल इस योजना के तहत 13% ब्‍याज दर का प्रावधान है। बता दें कि 5 साल के अंदर पैसा लौटाना होता है, लेकिन इस ब्‍याज राशि को सब्सिडी के साथ एडजस्‍ट कर दिया जाता है। इसके चलते आपको लगभग कुल लोन राशि ही लौटाना पड़ती है।

कैसे शुरू करें बिजनेस

आपको बता दें कि प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्‍ट के लिए सोलर पावर से चलने वाले 25 चरखे और 10 लूम्‍स लगाए जाएंगे। दरअसल सोलर चरखा के लिए खादी कमीशन की ओर से रॉ-मैटीरियल सिलवर/रोविंग की सप्‍लाई की जाती है।

हालांकि यह भी बता दें कि आप बाहर से भी सिलवर व रोविंग खरीद सकते हैं। यह मैटीरियल टैक्‍सटाइन मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट से भी मिल जाता है। दरअसल इसके इसके बाद यार्न का प्रोडक्‍शन शुरू किया जा सकता है और जिससे आप कपड़े बना सकते हैं। मालूम हो कि आजकल ज्‍यादातर मिल मालिक रेडीमेड गारमेंट बनाकर बेच रहे हैं।

क्‍या है मार्केट पटेन्शल

मालूम हो कि इन सोलर चरखे से बनने वाले यार्न को केंद्र सरकार के कई विभागों में सप्‍लाई किया जाता है। दरअसल इसके लिए खादी कमीशन द्वारा भी सपोर्ट किया जाता है। बता दें कि इस यार्न से बने टॉवेल, बेड शीट, तकिये के कवर, डस्‍टर क्‍लॉथ रेलवे सहित कई विभागों में मंगाए जाते हैं।

वहीं, इसके अलावा मार्केट में भी इसकी डिमांड बढ़ती जा रही है। यही नहीं, चूंकि आपके पास 25 चरखे हैं तो आप किसी रेडीमेड गारमेंट कंपनी से भी ऑर्डर ले सकते हैं।

जानिए कितनी हो सकती है कमाई

आपको बता दें कि सरकार की प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट प्रोफाइल के मुताबिक अगर यूनिट पूरी कैपेसिटी से प्रोडक्‍शन करती है तो सालाना कम से कम 80 लाख रुपए की सेल्‍स हो सकती है।

जबकि अगर खर्च की बात की जाए तो आपको खर्च के तौर पर 25 स्पिनर, 10 वीवर, पांच टेलर, 1 ओवरलॉक ऑपरेटर, 1 मास्‍टर कटर को साल का 32 लाख 56 हजार रुपए वेतन के रूप में देने होंगे।

मालूम हो कि लगभग 14 लाख रुपए रॉ मैटीरियल पर खर्च होगा। ऐसे में यदि सेल्‍स में से कुल खर्च निकाल दें तो आपका नेट प्रॉफिट 12 लाख 10 हजार रुपए होगा, जो हर साल बढ़ता जाएगा। यानी कि आप 1 लाख रुपए महीना से अधिक कमाई कर सकते हैं।

पूरे प्रोजेक्‍ट के बारे में जानने के लिए यहां क्लिक करें http://www.kvic.org.in/kvicres/update/pmegp/SOLAR%20CHARKHA%20NEW_25.pdf

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.