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तीन तरीकों से बिना दवाई के किसी भी स्टेज का कैंसर हो सकता है खत्म, जानिए क्या है इस वायरल मैसेज का सच

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सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जिस पर आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता रहता है। चाहे फिर वो कोई खबर हो या फिर कोई तस्वीर हो या कोई वीडियो हो। ऐसी ही एक खबर आ रही है कैंसर के इलाज से संबंधित।

जी हां, दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया में एक पोस्ट वायरल की जा रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बिना किसी दवाई के किसी भी स्टेज के कैंसर को ठीक किया जा सकता है। बता दें कि इसमें नोबल प्राइज जीतने वाले तीन बुद्धिजीवियों के नाम से उनके कोट भी लगाए गए हैं।

हालांकि अलग-अलग विशेषज्ञों से बात करने पर पता चला कि ऐसे दावे बिल्कुल गलत हैं। बिना दवाई के कैंसर का इलाज संभव नहीं। हालांकि ऐसा दावा करने वाले हैदराबाद के डॉ शाहेद बेग का पक्ष भी जाना गया और उन्होंने क्या कहा आगे जानिए।

क्या हुआ वायरल

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दरअसल एक पोस्टर वायरल किया जा रहा है जिसमें लिखा है कि बिना दवाई के किसी भी स्टेज का कैंसर खत्म हो सकता है। बता दें कि इसमें नोबल पुरस्कार जीतने वाले तीन वैज्ञानिकों की फोटो भी लगाई गई हैं और उनके नाम से कुछ बातें लिखी गई हैं।

बता दें कि वर्ष 1931 में नोबल प्राइज जीतने वाले डॉ ओटो वारबर्ग, वर्ष 1998 में नोबल जीतने वाले डॉ फरीद मुराद और साल 2016 में नोबल जीतने वाले योशिनोरी ओहसुमी के नाम और फोटो के साथ एक पोस्ट वायरल की जा रही है।

बता दें कि इसमें डॉ ओटो के हवाले से लिखा गया है कि ‘कैंसर सेल्स ऑक्सीजन वाले वातावरण में जिंदा नहीं रह सकतीं। इसलिए एक्सरसाइज करके अपनी बॉडी के अंदर ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचाएं’

दरअसल डॉ मुराद के नाम से लिखा है कि ‘धमनियों में होने वाले ब्लॉकेज को नाइट्रिक ऑक्साइड के जरिए हटाया जा सकता है इसलिए कच्ची सब्जियां और फल खाएं। इससे खून का प्रवाह अच्छे से होगा और सेल्स हेल्दी रहेंगे’

वहीं, डॉ योशिनोरी के हवाले लिखा है कि ‘खाली पेट रहने से कैंसर सेल्स कम होते हैं। इसलिए उपवास पर भी रहें जिससे इम्युनिटी बढ़े और कैंसर वाली सेल्स खत्म हों। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हफ्ते में कम से कम एक बार उपवास रखें।’

क्या है ये फेक

आपको बता दें कि इस खबर की पुष्टि करने के लिए इसमें दिए गए नंबर पर कॉल किया गया तो यह नंबर पेशे से डाइटीशियन डॉ शाहेद बेग का निकला। उन्होंने बताया कि, कैंसर के सेल्स तो कभी खत्म हो ही नहीं सकते लेकिन जो उपचार बताया गया है उससे कुछ सालों तक जिंदगी को बढ़ाया जरूर जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि एक्सरसाइज करने से ऑक्सीजन बॉडी के अंदर जाती है। इसमें योगा, रनिंग, जम्पिंग कुछ भी किया जा सकता है। वहीं नाइट्रिक ऑक्साइड धमनियों को चौड़ा करता है।

दरअसल धमनियों के चौड़ा होने से ब्लड का सर्कुलेशन अच्छा होता है इसलिए सब्जियां, फ्रूट्स खूब खाएं, क्योंकि इनमें नाइट्रिक ऑक्साइड पाया जाता है। इसके अलावा उपवास रखें जिससे कैंसर सेल्स खत्म होंगी।

बता दें कि डॉ शेख ने यह भी दावा किया कि कैंसर मरीज ऐसा करते हैं तो उनकी जिंदगी कई सालों तक बढ़ सकती है।

ऑन्कोलॉजिस्ट बोले- ऐसा संभव नहीं

आपको बता दें कि इस दावे की पुष्टि के लिए इंदौर के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ आलोक मोदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह अवैज्ञानिक तथ्य है। कैंसर का इलाज बिना दवाई और थेरेपी के संभव नहीं।

दरअसल डॉ मोदी ने बताया कि कोई भी इलाज शुरू करने से पहले कई मरीजों पर उसका ट्रायल किया जाता है और बाकायदा स्टडी होती है। साथ ही कई एक्सपेरिमेंट होते हैं।

इसके बाद जब विशेषज्ञ अप्रूवल देते हैं, तब उसे लागू किया जाता है। यहां जो बातें वायरल की जा रही हैं, उनकी कोई स्टडी नहीं है। ऐसा कोई प्रमाण नहीं कि बिना दवाई के कैंसर ठीक हो सके।

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