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घाटी के स्कूलों को बंद कराते हैं और अपने बच्चों को विदेश पढ़ने या रहने भेजते हैं अलगाववादी, देखें लिस्ट

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कुछ समय पहले गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बताया था कि जम्मू कश्मीर में अलगाववादी घाटी में हंगामा करते हैं। वहीं उनके बच्चे विदेशों में पढ़ाई करते हैं। एक आंकड़े में यह बताया गया है कि 120 अलगाववादियों के 220 बच्चे या तो विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं या फिर रह रहे हैं।

गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार ज्यादातर बड़े नेता की फैमिली के सदस्य विदेशों में ही रहते हैं। इन अलगाववादियों का काम स्कूली बच्चों को पत्थरबाजी के लिए उकसाने का है। वह जबरदस्ती ही स्कूलों को बंद करवाते हैं।

तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन अशरफ सेहराई के दो बेटे खालिद और आबिद अशरफ हैं। दोनों ही सऊदी अरब में काम करते हैं और वहीं पर रहते हैं।

जमात-ए-इस्लामी के सदर गुलाम मुहम्मद बट का बेटा सऊदी अरब में है जो एक डॉक्टर है।

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दुख्तरान-ए-मिल्लत की आसिया अंद्राबी के दो बेटे हैं जिनका नाम मुहम्मद बिन कासिम और अहमद बिन कासिम है। मुहम्मद बिन कासिम मलयेशिया और अहमद बिन कासिम ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहे हैं।

सैयद अली शाह गिलानी के बेटे का नाम नीलम गिलानी है जो पाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।

हुर्रियत के नेता मीरवाइज उमर फारूक की बहन का नाम रूबिया फारूक है जो अमेरिका में डॉक्टर है।

वहीं बिलाल लोन की बेटी एवं उसका दमाद ब्रिटेन में रहता है। वहीं बिलाल लोन की छोटी बेटी ऑस्ट्रेलिया में रहकर पढ़ाई कर रही है।

जबकि मोहम्मद शफी रेशा की बेटा अमेरिका से पीएचडी कर रहा है।

अशरफ लाया ने अपनी बेटी को मेडिकल की पढ़ाई के लिए पाकिस्तान भेज रखा है।

अशरफ लाया के अलावा मोहम्मद युसूफ मीर और फारूक गपतुरी की बेटियां भी पाकिस्तान में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रही है।

फरदौस वानी ने भी अपनी बेटी को पाकिस्तान में मेडिकल कोर्स करवाने के लिए भेजा है।

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