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न्यूनतम वेतन पर मोदी सरकार का बड़ा कदम, लाएगी वेज कोड बिल, जानें इसके बारे में

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मोदी सरकार 2.0 का फोकस किसानों, मजदूरों एवं गरीब तबगे के लोगों की जीवनशैली बदलने यानी एक तरह से रिफॉर्म करने की है. इसी कड़ी में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लेबर रिफॉर्म के मोर्चे पर बड़ा फैसला लिया गया है.

जी हां, दरअसल कैबिनेट ने वेज कोड बिल को पास कर दिया है. बता दें कि सरकार 44 लेबर लॉ को घटाकर सिर्फ 4 कर देना चाहती है. दरअसल सरकार का मानना है कि ऐसा करने से लेबर कानून मौजूदा जरूरतों के मुताबिक हो जाएंगे.

मालूम हो कि इन 4 प्रस्तावित कानून में इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड बिल, वेज कोड बिल, स्मॉल फैक्ट्रीज (रेगुलेशन ऑफ एंप्लॉयमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विसेज) बिल और एंप्लॉयी प्रोविडेंट फंड एवं मिस्लेनियस प्रोविजंस (अमेंडमेंट) बिल है. बता दें कि ये मजदूरी, सोशल सिक्योरिटी एवं वेलफेयर, सेफ्टी और इंडस्ट्रियल रिलेशंस से जुड़े मुद्दों को डील करेगी.

पहली बार बजट सेशन में पेश किया जाएगा वेज कोड बिल

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जानकारी के लिए बता दें कि वेज कोड बिल पहली बार बजट सेशन में पेश किया जाएगा. दरअसल इससे अलग-अलग इलाकों में न्यूनतम वेतन के फर्क को कम किया जा सकेगा. मालूम हो कि संसदीय समिति फिलहाल वेज बिल 2017 के मसौदे की जांच कर रही है. अब उम्मीद है कि यह अपनी रिपोर्ट मौजूदा बजट सत्र में पेश कर देंगे.

मालूम हो कि वेज बिल 2017 को पहली बार अगस्त 2017 में संसद में पेश किया गया था. उसके बाद इसे संसदीय समिति को भेज दिया गया. बता दें कि अब लेबर मिनिस्ट्री इस बिल को इस साल बजट सेशन में पास कराने की कोशिश करेगी.

दरअसल इस बिल में पेमेंट ऑफ वेज एक्ट-1936, मिनिमम वेज एक्ट-1949, पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट-1965 और इक्वल रेमुनरेशन एक्ट-1976 को एक कोड में शामिल करने की तैयारी है.

रखा गया है एक समान न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव

आपको बता दें कि कोड में अलग-अलग इलाकों के लिए एक समान न्यूनतम वेतन का भी प्रस्ताव रखा है. बता दें कि एक बार यह लागू होने के बाद कोई भी राज्य न्यूनतम वेतन से कम पैसों पर काम नहीं करा सकता है.

यही नहीं, इसके अलावा इस ड्राफ्ट में यह भी कहा गया है कि न्यूनतम मजदूरी को हर 5 साल के बाद रिवाइज किया जाएगा. मालूम हो कि पिछले महीने गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंत्रियों की एक बैठक में लेबर मिनिस्टर संतोष गंगवार ने कहा था कि संसद के मौजूदा सेशन में वह इस बिल को पास करेंगे।

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