Loading...

ई-सिगरेट को लेकर सरकार ने किया बड़ा फैसला, बैन लगाने की है तैयारी

0 23

ई-सिगरेट्स को लेकर स्वास्थ मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. जी हां, दरअसल देश में जल्द ही ई-सिगरेट्स को बैन किया जाएगा। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन्हें ड्रग्स मानते हुए और सेहत पर इनके खतरनाक असर को देखते हुए इन्हें बैन करने का फैसला लिया है।

मालूम हो कि इसे बैन करने को लेकर नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा। बता दें कि मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक बैटरी ऑपरेटेड सिगरेट को बैन करने का प्रस्ताव नरेंद्र मोदी सरकार के ‘शुरुआती 100 दिनों के एजेंडे’ में शामिल है। दरअसल ई-सिगरेट जिसे Electronic nicotine delivery system यानी कि ENDS भी कहा जाता है, धूम्रपान करने वालों के बीच काफी लोकप्रिय है।

फिलहाल देश में मौजूद हैं 460 तरह के ब्रांड

मालूम हो कि ई-सिगरेट्स दरअसल गैर-लाइसेंस वाले प्रोडक्ट्स हैं, जो अवैध रूप से भारत में घुस आए हैं। दरअसल इसे एक ऐसे प्रोडक्ट के रूप में बेचा जाता है जो लोगों को स्मोकिंग छोड़ने में मदद करते हैं। यही वजह है कि युवाओं के बीच ई-सिगरेट का चलन तेजी से बढ़ रहा है।

Loading...

बता दें कि यह डिवाइस तंबाकू को नहीं जलाती है, बल्कि लिक्विड निकोटीन सॉल्यूशन से धुआं उड़ाने के लिए हीटिंग डिवाइस का इस्तेमाल करती है। दरअसल इस धुएं को सिगरेट पीने वाला सांस के साथ अंदर लेता है। मालूम हो कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में ई-सिगरेट के 460 ब्रांड मौजूद हैं, जिसमें 7,700 से भी ज्यादा फ्लेवर की ई-सिगरेट मिलती हैं।

ड्रग्स की श्रेणी में आती है ई-सिगरेट

आपको बता दें कि बीती 1 जून को हुई ड्रग कंसल्टेटिव कमेटी मीटिंग में एक्स्पर्ट्स ने इस बात की पुष्टि की कि ई-सिगरेट और ऐसी अन्य कई डिवाइस को Drug and Cosmetics Act, 1940 (DCA) के सेक्शन 3(b) के तहत ड्रग माना जाएगा।

इस हिसाब से DCA के सेक्शन 26(A) के तहत उन्हें बैन किया जाना चाहिए। दरअसल ENDS के तहत ई-सिगरेट, हीट-नॉट बर्न डिवाइस, वेप, ई-शीशा, ई-निकोटीन, फ्लेवर्ड हुक्का और ऐसे अन्य प्रोडक्ट्स आते हैं।

अधिकतर राज्यों ने दिया बैन करने का निर्देश

जानकारी के लिए बता दें कि कर्नाटक, केरल, मिजोरम, महाराष्ट्र, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश और बिहार ने ई-सिगरेट के उत्पादन, डिस्ट्रिब्यूशन और बिक्री को बैन करने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा हरियाणा ने भी नोटिफाई किया है कि निकोटीन अपने असल रूप में दरअसल एक जहर ही है।

कानून में किए जा सकते हैं ये बदलाव

आपको बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय देश में इसके उत्पादन, निर्यात और बिक्री पर बैन लगाना चाहता है। दरअसल स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक ई-सिगरेट के इस्तेमाल को रोकने के लिए नियामक कदम उठाना जरूरी है।

हालांकि सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद एक्ट के अंतर्गत सरकार ऐसे प्रोडक्ट्स को बैन नहीं कर सकती है, सिर्फ उनकी बिक्री पर नियंत्रण लगा सकती है। यही कारण है कि ऐसे में सरकार को कई कानूनी बदलाव करने होंगे जिससे ई-सिगरेट पर बैन लगाया जा सके।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.