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देश के ग्रामीणों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, वाहन खरीदने के लिए मिलेगा 6.50 लाख का ब्याजमुक्त लोन

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केंद्र की मोदी सरकार जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती परिवहन सेवा देने के लिए आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना यानी कि एजीईवाई शुरू करने जा रही है। दरअसल इस योजना के तहत देश के सभी गांवों को ब्लॉक मुख्यालयों से जोड़ने के लिए नई परिवहन सेवा शुरू की जाएगी। मालूम हो कि इस कार्य के लिए स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जाएगी। बता दें कि यह जानकारी मंगलवार को ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र तोमर ने संसद में दी।

स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को मिलेगा रोजगार

आपको बता दें कि लोकसभा में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर द्वारा दी जानकारी देते हुए ने कहा कि इस योजना का कार्यान्वयन दीनदयाल अंत्योदय योजना –राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत किया गया है।

बता दें कि इस योजना के जरिए ग्रामीणों क्षेत्रों में परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी। इसके साथ ही डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को रोजगार भी मिलेगा।

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दरअसल उन्होंने कहा कि इस योजना को लागू करने का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सस्ती और आरामदायक परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी है।

वाहन खरीदने के लिए मिलेगा 6.50 लाख रुपए का ब्याजमुक्त लोन

मालूम हो कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस योजना के तहत परिवहन सेवा का संचालन डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह और उनके सदस्य करेंगे।

दरअसल इस योजना के अंतर्गत वाहन खरीदने के लिए स्वयं सहायता समूह या उनके सदस्यों को वाहन खरीदने के लिए 6.50 लाख रुपए का ब्याजमुक्त लोन दिया जाएगा। मालूम हो कि इन रुपयों से ई-रिक्शा, थ्री व्हीलर या फिर फोर व्हीलर खरीदकर परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

राज्य करेंगे ब्लॉकों का चयन

आपको बता दें कि इस वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत ब्लॉकों का चयन राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन यानी कि एसआरएलएम के तहत राज्यों की ओर से किया जाएगा। दरअसल एसआरएलएम के जरिए ही परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मार्गों का चयन किया जाएगा।

बता दें कि सर्वप्रथम पिछड़े, परिवहन संपर्क का अभाव और सतत सेवा की संभावना वाले मार्गों का चयन किया जाएगा। मालूम हो कि एसआरएलएम के जरिए ही राज्य परिवहन विभाग की ओर से वाहनों को परमिट आदि औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

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