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सरकार ने किया साफ, लोन वसूली के बैंक नहीं रख सकते बाउंसर

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बैंकों लोन की वसूली में बाउंसरों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। जी हां, दरअसल केंद्र सरकार ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि बैंकों को लोन की वसूली के लिए एजेंटों की नियुक्ति में बाउंसरों यानी बाहुबलियों की नियुक्ति का अधिकार नहीं है।

बैंकों का दायित्व, उधारकर्ताओं से गलत व्यवहार ना करें रिकवरी एजेंट

आपको बता दें कि वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में प्रश्नकाल में एक सवाल के जवाब में कहा कि लोन लेने वालों से दुर्व्यवहार को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। उनके मुताबिक इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक के उधारकर्ताओं के लिए उचित व्यवहार संहिता के संबंध में जारी दिशानिर्देश बहुत स्पष्ट हैं।

दरअसल ठाकुर ने कहा कि ऋण वसूली या रिकवरी एजेंटों की नियुक्ति के पहले उनका पुलिस सत्यापन कराया जाता है। यह बैंकों का भी दायित्व है कि वे सुनिश्चित करें कि रिकवरी एजेंट असभ्य व्यवहार, गैरकानूनी रास्ता या कोई गलत तरीका नहीं अपनाएं।

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गलत व्यवहार हो तो ऑम्बुड्समैन को करें शिकायत

आपको बता दें कि उन्होंने कहा कि वसूली एजेंटों द्वारा दिशानिर्देशों के उल्लंघन या गलत पद्धतियों के अनुसरण को गंभीरता से लिया जाता है। जी हां, दरअसल बैंकों की ओर से भी किसी प्रकार की ऐसी चूक होने पर ऑम्बुड्समैन को शिकायत की जा सकती है।

मालूम हो कि ऑम्बुड्समैन बैंकों पर 20 लाख रुपए तक का जुर्माना ठोक सकता है। दरअसल उन्होंने बताया कि साल 2018-19 के दौरान ऐसी 255 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं जिनमें 31 का निस्तारण किया गया और 58 को निरस्त कर दिया गया। दरअसल शेष यानी बची हुई 165 शिकायतों को अग्राह्य माना गया है।

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