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अब पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन, मोदी सरकार की ये है योजना

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एक तरफ दिन प्रतिदिन बढ़ती पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें और दूसरी तरफ तेज़ी से बढ़ता प्रदूषण, ये दो ऐसे प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का काफी सुनहरा भविष्य खासतौर पर भारत में दिखलाई दे रहा है।

यही कारण है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को सफल बनाने के लिए मोदी 2.0 सरकार देश के सभी पेट्रोल पंपों पर ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन लगा सकती है। मालूम हो कि नीति आयोग, भारी उद्योग मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय एवं बिजली मंत्रालय के सहयोग से सरकार ई-चार्जिंग स्टेशन नीति तैयार कर रही है।

मालूम हो कि प्रस्ताव के मुताबिक सभी पेट्रोल पंपों पर ई-चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को आसानी से चार्ज किया जा सके। शुरुआत में यह प्रस्ताव देश के बड़े शहरों में लागू हो सकता है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में ही भारी उद्योग मंत्रालय की तरफ से सैकड़ों ई-चार्जिंग स्टेशन लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन इस दिशा में पिछले चार साल में कोई खास प्रगति नहीं हो सकी।

दरअसल एनटीपीसी, पावरग्रिड जैसे कुछ पीएसयू ने इस दिशा में पहल करते हुए कई जगहों पर ई-चार्जिंग स्टेशन लगाए हैं, लेकिन सरकार की मंशा को सफल बनाने के लिए अब बड़े पैमाने पर ई-चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी की जा रही है।

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बता दें कि सोसायटी ऑफ मैन्यूफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (यानी कि एसएमईवी) की तरफ से सरकार को बार-बार यह बताया जा चुका है कि पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर के बगैर इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता है।

सूत्रों की मानें तो ई-चार्जिंग स्टेशन के साथ पेट्रोल पंपों पर बैट्री स्वैपिंग की भी सुविधा मुहैया करायी जा सकती है। मालूम हो कि बैट्री स्वैपिंग के तहत आपको पेट्रोल पंपों पर चार्ज्ड बैट्री मिलेंगी और आप अपने वाहन की बैट्री देकर चार्ज्ड बैट्री ले सकते हैं।

वर्ष 2025 से इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर-टू व्हीलर बेचना चाहती है सरकार

जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार का उद्देश्य साल 2023 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर और साल 2025 से केवल 150 सीसी तक के इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बेचने की है। बता दें कि सरकार की इस योजना का ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनियां विरोध कर रही हैं।

मालूम हो कि कंपनियों का कहना है कि देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल बेचने सार्थक नहीं होगा। बता दें कि कंपनियों के विरोध से निपटने के लिए सरकार ने पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना बनाई है। दरअसल इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

इस तरह लागू हो सकती है इलेक्ट्रिक व्हीकल की योजना

आपको बता दें कि कंपनियों के विरोध को शांत करने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर और टू व्हीलर शुरू करने की योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है। जी हां, दरअसल इसके तहत सर्वप्रथम मेट्रोपोलिटन शहरों या अत्यधिक प्रदूषित शहरों में केवल इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर और टू व्हीलर बेचने की इजाजत दी जा सकती है। बता दें कि इसके जरिए नए उत्सर्जन मानक भी लागू हो जाएंगे और ऑटो सेक्टर की कंपनियों का चिंताएं भी दूर हो जाएंगी।

अभी देश में हैं 60 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप

मालूम हो कि एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, देश में इस समय सरकारी तेल कंपनियों की ओर से 60 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंपों का संचालन किया जा रहा है। दरअसल इन पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के विकल्प पर विचार चल रहा है।

मालूम हो कि अधिकारी के अनुसार, सरकारी और निजी कंपनियों की ओर से करीब 60 हजार गैस स्टेशनों का भी संचालन किया जा रहा है। बता दें कि सरकार इन गैस स्टेशनों पर भी चार्जिंग स्टेशन बनाने के विकल्पों पर विचार कर रही है।

गीगा स्केल बैटरी निर्माण पर मिल सकती है छूट

आपको बता दें कि इलेक्ट्रिक व्हीकल में इस्तेमाल करने के लिए सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने गीगा स्केल बैटरी के निर्माण पर जोर दिया है। दरअसल इसके लिए आयोग ने एक कैबिनेट नोट भी तैयार किया है। मालूम हो कि इस नोट में गीगा स्केल बैटरी के निर्माण पर कई प्रकार की छूट देने का प्रस्ताव दिया गया है। बता दें कि इस सेक्टर में निवेश को बढ़ाने के लिए इनकम टैक्स पर इन्सेंटिव, कस्टम ड्यूटी ढांचे में बदलाव समेत कई प्रकार की छूट देने की सिफारिश की गई है।

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