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अगर कोई 50 पैसे से 10 रुपए तक के सिक्के लेने से करे इनकार, तो यहां करें शिकायत

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने एक बार फिर कहा है कि 50 पैसे से लेकर 10 रुपये तक के सभी सिक्के मान्य हैं और चलन में हैं. कोई भी इन सिक्कों को लेने से इनकार नहीं कर सकता है. दरअसल रिजर्व बैंक ने बैंकों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि उनकी शाखाओं में ऐसे सभी सिक्के स्वीकार किए जाएं.

आरबीआई ने कहा है कि अगर कोई भी आप से सिक्के लेने से मना करता है तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की नई फैसिलिटी शुरू की गई है.

आपको बता दें कि RBI की वेबसाइट पर शिकायत प्रबंधन प्रणाली (CMS) की शुरुआत की गई है. दरअसल इसके पीछे केन्द्रीय बैंक का मकसद समय से शिकायतों को हल कर कस्टमर एक्सपीरियंस बेहतर बनाना है. मालूम हो कि इस CMS पर ग्राहक पब्लिक इंटरफेस वाली किसी भी रेगुलेटेड एंटिटी वाणिज्य बैंक, शहरी सहकारी बैंक और एनबीएफसी के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. बता दें कि इस प्रणाली पर दर्ज कराई जाने वाली शिकायत को उपयुक्त लोकपाल या रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दिया जाएगा.

मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों पर किया जा सकेगा इस्तेमाल

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बता दें कि CMS को डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों पर इस्तेमाल किया जा सकता है. दरअसल रिजर्व बैंक की योजना इसे जल्द ही एक प्रतिबद्ध इंटरएक्टिव वॉयस रेस्पांस (IVR) प्रणाली से जोड़ने की भी है ताकि शिकायत की स्थिति को देखा जा सके.

पारदर्शिता को और बेहतर बनाएगी CMS

आपको बता दें कि CMS को लॉन्च करते हुए RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह एप्लीकेशन पारदर्शिता को और बेहतर बनाती है. उनके अनुसार यह एप्लीकेशन ऑटो जनरेटेड एक्नॉलेजमेंट्स के जरिए शिकायतकर्ताओं को उनकी शिकायत मिलने के बारे में सूचित करेगी. यही नहीं, साथ ही उन्हें अपनी शिकायतों का स्टेटस ट्रैक करने में सक्षम बनाएगी.

इसके अलावा जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता बैंकिंग लोकपाल के फैसलों के खिलाफ ऑनलाइन अपील भी कर सकेंगे. बता दें कि शिकायतकर्ता अगर चाहें तो शिकायत के निवारण को लेकर अपने अनुभव पर फीडबैक भी दे सकते हैं.

इसलिए आवश्यक है शिकायतों का जल्द निपटारा

आपको बता दें कि दास ने इस बात पर जोर दिया कि शिकायतों के जल्द व प्रभावी निपटारे के जरिए बैंकों व अन्य वित्तीय सेवा प्रोवाइडर्स में कंज्यूमर का विश्वास कायम होगा और एजुकेशन के जरिए कस्टमर्स को सशक्त बनाना बैंकिंग सिस्टम में विश्वास कायम रखने के लिए जरूरी भी है. दरअसल एक अलर्ट और जागरुक कस्टमर प्रभावी तरीके से खुद को धोखे, जालसाजी या फ्रॉड आदि से बचा सकता है.

उन्होंने यह भी कहा कि कस्टमर्स के बीच जागरुकता फैलाने के लिए हमने CMS पोर्टल पर सेफ बैंकिंग प्रैक्टिसेज व RBI की अन्य महत्वपूर्ण ग्राहक केन्द्रित नियामकीय पहलों पर युवा रोल मॉडल्स की वीडियो भी डाली हैं जिसमें कुछ खिलाड़ी भी शामिल हैं.

कस्टमर्स की अपेक्षाएं समझने में भी होगी मदद

दरअसल दास ने यह भी कहा कि CMS पर मौजूद डाटा का इस्तेमाल बैंकों व वित्तीय सेवा प्रोवाइडर्स द्वारा शिकायतों के जल्द निपटारे और शिकायत निवारण प्रणाली मजबूत बनाने में किए जाने की उम्मीद है. उनके मुताबिक इस डाटा का इस्तेमाल निम्न चीजों में होगा:

शिकायतों के क्या कारण हैं
कस्टमर को किस बात से तकलीफ है
कस्टमर की अपेक्षाएं क्या हैं

दरअसल ऐसा इसलिए ताकि सर्विसेज को बेहतर बनाया जा सके और इस तरह संपूर्ण सिस्टम भी बेहतर बने.

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