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दूध में मिलाकर पिलाई खांसी की दवाई तो 4 बच्चों की हो गई मौत, जानिए क्या है इस वायरल मैसेज की सच्चाई

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सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जिस पर आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता रहता है। चाहे फिर वो कोई खबर हो या फिर कोई तस्वीर हो या कोई वीडियो हो। ऐसी ही एक खबर आ रही है। दरअसल खबर के अनुसार दूध में सीरप मिलाकर पिलाने पर 4 बच्चों की मौत हो गई।

बता दें कि यह खबर पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसे वॉट्सएप, फेसबुक और ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है। मालूम हो कि मैसेज शेयर होने की शुरुआत मार्च में हुई थी जो इन दिनों तेजी से वायरल हो रही है। लेकिन इस पूरे मामले की हकीकत कुछ और ही है। चलिए जानते हैं इस मैसेज की सच्चाई..

आखिर क्या है वायरल मैसेज में

आपको बता दें कि वायरल मैसेज में दरअसल लिखा है कि अनजाने में एक मां ने अपने 4 बच्चों को मार दिया। दरअसल बच्चों के कफ सिरप पीने से मना करने पर मां ने दूध में सिरप को मिलाकर उन्हें पिलाया था। पीने के बाद सभी बच्चे सो गए और फिर कभी नहीं उठे।

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मालूम हो कि मैसेज में यह भी लिखा है कि क्लीनिकल ट्रायल में सामने आया कि चारों बच्चों की मौत बेड पर सोते हुए हुई थी। दरअसल दूध और सिरप का मिश्रण जहर साबित हुआ। मैसेज के अनुसार इस हादसे के लिए मां ने खुद को जिम्मेदार माना है। वह मानसिक संतुलन खो बैठी है। इसलिए दूध के साथ सिरप न लें। इसके अलावा दूध के साथ कोई भी दवा या केमिकल न लें। यह जहर बन सकता है।

वायरल मैसेज की ये है सच्चाई

दरअसल डॉ. पंकज आनंद ने बताया कि, कफ सीरप और दूध के साथ मिलाने पर जहर नहीं बनता है। डॉक्टर पंकज ने बताया कि दूध पचने में समस्या हो सकती है लेकिन किसी की मौत नहीं हो सकती। दरअसल ऐसा करने पर कफ बढ़ सकता है और दवा को शरीर में अवशोषित होने में समय लग सकता है। ऐसा शोध में भी सामने आया है। उनके अनुसार दूध और दवा को अलग-अलग ही लेना चाहिए। बता दें कि दवा टेबलेट हो या सीरप डॉक्टरी सलाह के मुताबिक ही लेनी चाहिए।

4 बच्चों की मौत का क्या है सच

आपको बता दें कि सिरप वाला दूध पीने से 4 बच्चों की मौत वाली खबर पूरी तरह से झूठ है क्योंकि देश या दुनिया में ऐसा कोई भी मामला रिपोर्ट ही नहीं किया गया है। जी हां, वहीं इसके अलावा एक्सपर्ट डॉक्टर के अनुसार दूध में सिरप मिल भी जाए तो वह जहरीला नहीं होता है। मालूम हो कि ऐसी कोई अलग रिसर्च भी अब तक नहीं हुई है। दरअसल ये बच्चों के मौतों के नाम पर डर फैलाने वाली खबर है और ये खबर झूठी निकली है।

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