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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के लिए 2.5 लाख और घरों को सीएसएमसी ने दी मंजूरी

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प्रधानमंत्री आवास योजना मोदी सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है। दरअसल शहरी गरीबों को उनका खुद का आवास देने के उद्देश्य से चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (यानी कि पीएमएवाईयू) की केंद्रीय स्वीकृति सह निगरानी समिति (यानी कि सीएसएमसी) की शुक्रवार को बैठक हुई। बता दें कि हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 10 राज्यों में इस योजना के तहत 2.5 लाख से ज्यादा और घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई। यही नहीं इसके साथ इस योजना में अब तक 83.62 लाख घरों के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है।

उत्तर प्रदेश को मिले सबसे ज्यादा घर

मालूम हो कि 2.5 लाख नए घरों में से उत्तर प्रदेश को 1.38 लाख नए घर बनाने की मंजूरी मिली है। जी हां, इन 2.5 लाख घरों के निर्माण पर करीब 11,373 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसमें से 3766 करोड़ रुपए का योगदान केंद्र सरकार करेगी।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश 12.96 लाख घरों के साथ इस योजना में टॉप लाभार्थी राज्य बन गया है। इसके बाद 12.48 लाख घरों के साथ आंध्र प्रदेश और 9.86 लाख घरों के साथ महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर है।

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मालूम हो कि सीएसएमसी की ओर से आयोजित इस बैठक में असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मेघालय, नागालैंड, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्य में योजना की प्रगति समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

अब तक 83.62 लाख घरों के निर्माण को मंजूरी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत अबतक पूरे देश में 83.62 लाख घरों के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। जी हां, दरअसल पीएमएवाईयू की वेबसाइट पर उपलब्ध डाटा के अनुसार, इसमें से 47.58 लाख घर धरातल पर आ गए हैं।

जबकि दूसरी तरफ 26.08 लाख घरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और 23.97 लाख घरों का कब्जा दिया जा चुका है। मालूम हो कि इस योजना के लिए केंद्र सरकार अब तक अपनी हिस्सेदारी के रूप में 51,113 करोड़ रुपए का योगदान दे चुकी है।

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