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500 रुपए की वो नोट मत लीजिए जिनमें हरी पट्टी गांधीजी के नजदीक बनी है, जानिए क्या है इस वायरल मैसेज का सच

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क्या नई करेंसी में भी नकली नोट का खतरा आ गया है? दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया पर 500 रुपए के असली और नकली नोट का फर्क बताती एक तस्वीर वायरल हो रही है। दरअसल तस्वीर में 500 रुपए के दो नोट दिखाई दे रहे हैं।

बता दें कि इनमें से एक नोट में हरी पट्टी या सुरक्षा धागा गांधीजी की तस्वीर के पास दिखाई दे रहा है, वहीं दूसरे नोट में यह धागा गांधीजी से दूर, आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर के पास है।

आपको बता दें कि इसमें यह दावा किया जा रहा है कि इनमें से वो नोट जिसमें हरी पट्टी गांधीजी के करीब है, वो नकली है। जबकि आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर के पास हरी पट्टी होने पर नोट असली है।

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क्या हुआ वायरल

मालूम हो कि नोट की तस्वीर के साथ यह पोस्ट सोशल मीडिया पर भी वायरल है। दरअसल यूजर्स नोटों की असलियत पहचानने की यह जानकारी अपने परिवार और दोस्तों तक पहुंचाने की अपील के साथ शेयर कर रहे हैं।

बता दें कि यह पोस्ट 2016 और 2017 में भी वायरल हुई थी।

आखिर क्यों है ये फेक

आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर 10 रुपए से लेकर 2000 रुपए के नोट तक सभी नोटों की जानकारी और उनकी असलियत की पहचान करने के तरीके दिए गए हैं।

मालूम हो कि यहां 500 के नोट की पहचान करने के लिए 12 तरीके दिए गए हैं, जिसमें 5वें नंबर पर हरी पट्टी के बारे में बताया गया है।

पांचवे नंबर पर हरी पट्टी के बारे में लिखा है

आपको बता दें कि नोट को टेढ़ा करके देखने पर हरी पट्टी का रंग हरे से नीले में बदल जाता है। दरअसल यही नोट के असली होने की पहचान है।

मालूम हो कि वेबसाइट पर 500 के नोट की तस्वीर में हरी पट्टी वायरल तस्वीर के दोनों ही नोटों से मेल नहीं खाती। जी हां, दरअसल इसमें यह पट्टी ना ही गांधीजी के पास है और ना ही गवर्नर के हस्ताक्षर के पास। बल्कि हरी पट्टी दोनों के बीच में ग्रे कर्व के साथ दिखाई दे रही है।

दरअसल वेबसाइट पर दिए तरीकों में कहीं भी नोट पर हरी पट्टी की स्थिति से उसके असली या नकली होने का पता लगाने की जानकारी नहीं दी गई है।

आपको याद हो कि भारत में नोटबंदी की घोषणा 8 नवंबर 2016 को हुई थी। बता दें कि 500 का नया नोट दो दिन बाद 10 नवंबर को जारी किया गया था।

दरअसल नोटबंदी के बाद नए नोट जारी करने की हड़बड़ी में नोटों की प्रिटिंग में कई तरह की गड़बड़ियां देखी गई थी।

आपको बता दें कि नोट के रंग, सीरियल नंबर, बॉर्डर के साइज और डिजाइन में अंतर वाले कई नोट भारतीय बाजारों में देखे गए।

आपको बता दें कि नोटों में अंतर देखे जाने को कई मीडिया संस्थानों ने कवर किया था।याद दिला दें कि अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स ने 25 नवंबर को इसी संबंध में खबर पब्लिश की थी।

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