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बद से बदतर हुए पाकिस्तान के हालात, अब आम आदमी से ज्यादा टैक्स वसूलेंगे इमरान खान

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पाकिस्तान की हालात इन दिनों बेहद खस्ता है. दरअसल पड़ोसी देश की अर्थव्यवस्था के हालात हर दिन बद्दतर होते जा रहे हैं. जी हां, दरअसल अमरीकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया गुरुवार को 161 तक चला गया. आपको बता दें कि पिछले हफ़्ते स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के गवर्नर डॉक्टर रज़ा बक़ीर ने कहा था कि रुपए में यह गिरावट कुछ वक़्त के लिए ही है.

सोने की कीमतें में आ रहा है उछाल

आपको बता दें कि पाकिस्तान में इस हफ़्ते सोने की क़ीमत में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई. जी हां, दरअसल बुधवार पाकिस्तान में सोने का कारोबार 80,500 रुपए प्रति 12 ग्राम की दर से हुआ. इसके अलावा पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार भी 7.6 अरब डॉलर के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.

इमरान खान के पीएम बनने के बाद से पाक रु में आई इतनी गिरावट

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आपको बता दें कि इमरान ख़ान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से पिछले 10 महीने में पाकिस्तानी रुपए में 29 % की गिरावट आई है. जी हां, दरअसल पिछले साल 18 अगस्त को पाकिस्तानी रुपया 123.35 पर था, जो 26 मई, 2019 को 160 के पार चला गया.

यहां आपको बता दें कि पाकिस्तान के इतिहास में इतने छोटे टाइम पीरियड में इतनी बड़ी गिरावट पहली बार आई है. एक्सपर्ट्स की मानें तो आईएमएफ़ से 6 अरब डॉलर के क़र्ज़ के समझौते को देखते हुए पाकिस्तानी रुपए में और गिरावट की आशंका जताई जा रही है. बता दें कि सरकार में आने से पहले इमरान ख़ान रुपए में गिरावट को लेकर काफ़ी आक्रामक रहते थे. लेकिन अब ख़ुद इमरान ख़ान लाचार दिख रहे हैं.

मंगलवार को आया था पहला पूर्णकालिक बजट

मालूम हो कि मंगलवार को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में वित्त मंत्री हामद अज़हर ने इमरान ख़ान सरकार का पहला पूर्णकालिक बजट पेश किया. जी हां, दरअसल इस पूरे बजट में इनकम और सेल्स टैक्स बढ़ाने पर ज़ोर है. बता दें कि पाकिस्तान में आगामी 1 जुलाई से शुरू हो रहे नए वित्तीय वर्ष में आय कर भरने वालों पर एक तरीके से कहा जाए तो मुश्किलों का पहाड़ टूटने वाला है.

इनकम टैक्स की अधिकतम दर 25% से बढ़कर हुई 35%

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इमरान ख़ान की सरकार ने आय कर की अधिकतम दर 25% से बढ़ाकर 35% कर दी है. इसके साथ ही मासिक आय के ब्रैकेट को भी पहले से कम कर दिया गया है. जी हां, बता दें कि 50 हज़ार प्रति महीना वेतनभोगियों के लिए और 33 हज़ार 333 रुपए ग़ैर-वेतनभोगियों के लिए रखा गया है. दरअसल इमरान ख़ान सरकार का यह लक्ष्य है कि नए वित्तीय वर्ष में केवल इनकम टैक्स से 258 अरब रुपए जुटाया जा सके.

आपको बता दें कि इमरान ख़ान की सरकार ने बजट से पहले आर्थिक सर्वे पेश किया था, जिसमें देश की पूरी आर्थिक तस्वीर उभरकर सामने आई थी. इस सर्वे के मुताबिक पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर गिरकर 3.3% तक पहुंच गई है जो पिछले 9 सालों में सबसे निचले स्तर पर है.

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