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BSNL को संकट से उबारने के लिए मोदी सरकार ने बनाया ये नया प्लान

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ये तो हम सब जानते हैं कि BSNL पिछले कुछ वक्त से गंभीर संकट से जूझ रहा है. दरअसल स्थिति ये है कि सरकारी टेलिकॉम ऑपरेटर के पास अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के पैसे नहीं हैं. हालांकि सरकार ने बुधवार को साफ किया है कि सरकारी टेलिकॉम कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करने का कोई प्लान नहीं है.

बता दें कि सरकार इन्हें संकट से उबारने की व्यापक तैयारियां कर रही है. दरअसल टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा को बताया है कि महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (MTNL) को बंद किए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है. बता दें कि अपने एक अलग जवाब में उन्होंने कहा, इसी तरह से BSNL के बंद किए जाने के लिए सरकार ने कोई प्रस्ताव नहीं रखा है.

सरकार बना रही है इन्हें संकट से उबारने की खास योजना

आपको बता दें कि रविशंकर प्रसाद ने यह भी बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद और डेलॉइट बीएसएनएल और एमटीएनएल को उबारने/ उसके पुनर्गठन की योजना पर काम कर रहा है. मालूम हो कि उनके सुझावों और उनके बोर्ड के पास किए प्लान के हिसाब से BSNL और MTNL के लिए एक व्यापक प्लान को तैयार करने में जुटी है.

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आपको बता दें कि घाटे में चल रही टेलिकॉम कंपनियों ने अपनी आर्थिक तंगी की हालत में तुरंत मदद के लिए डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम से संपर्क किया था.

MTNL का शेयर गिरा लेकिन BSNL का बढ़ा है

मालूम हो कि जो डाटा लोकसभा में शेयर किया गया है. दरअसल उसके हिसाब से MTNL का मार्केट शेयर इसके काम करने वाले दो सर्किल में 2016-17 के 7.37% से घटकर 2018-19 में 6.95% पर पहुंच गया है. BSNL का मार्केट शेयर पूरे भारत में इसी समय में 9.63% से बढ़कर 10.72% हो गया है.

बता दें कि रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘टेलिकॉम सेक्टर कॉम्पटीशन बहुत बढ़ जाने के चलते दबाव के दौर से गुजर रहा है. एयरटेल और वोडाफोन/आईडिया के औसत रेवेन्यू में भी कमी आई है.’

कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं में सेवा दे रहा है BSNL

दरअसल रविशंकर प्रसाद ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी देने के लिए सरकार बीएसएनएल का ही प्रयोग कर रही है. बता दें कि उसके अलावा इसका प्रयोग अंडमान-निकोबार और लक्ष्यद्वीप में टेलिकॉम नेटवर्क को बेहतर करने में मदद कर रहे हैं. वहीं ऑप्टिकल फाइबर पर आधारित रक्षा सेवाओं और भारतनेट प्रोजेक्ट में किया जा रहा इसका प्रयोग इसके कुछ अन्य प्रयोग हैं.

रविशंकर प्रसाद ने माना कर्मचारियों को सैलरी देने में हुई देरी

बता दें कि रविशंकर प्रसाद ने कहा कि फंड्स की कमी के चलते MTNL में पिछले 5-6 महीने में सैलरी देने में कुछ देर हुई है. उन्होंने इसके कारण के रूप में बताया कि ऐसा रेवेन्यू के आने और पहले की देनदारियों में सही से मिलान न हो पाने के चलते हुआ है, लेकिन अब कोई भी सैलरी का भुगतान बाकी नहीं है. उन्होंने बताया कि BSNL के कर्मचारियों की सैलरी लगातार दी जा रही है. हालांकि उन्होंने माना कि बफरवरी, 2019 में कर्मचारियों की सैलरी के भुगतान में कुछ देरी हुई थी.

MTNL और BSNL को मिलाकर हैं 1.85 लाख से ज्यादा कर्मचारी

आपको बता दें कि आधिकारिक डेटा के अनुसार, 31 मार्च, 2019 तक बीएसएनएल में कुल 1,63,902 कर्मचारी काम कर रहे थे. दरअसल इनमें से 46,597 एक्जीक्यूटिव क्लास के थे और 1,17,305 नॉन-एक्जीक्यूटिव क्लास के थे. बता दें कि वहीं MTNL के कर्मचारियों की संख्या 21,679 है. इमालूम हो कि इनमें से 3,128 कर्मचारी एक्जीक्यूटिव जबकि 18,551 कर्मचारी नॉन-एक्जीक्यूटिव पदों पर थे।

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