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अब बच्चों की स्कूल की फीस भरना होगा आसान, पैसे की नहीं होगी परेशानी, नर्सरी के लिए भी मिलेगा लोन

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ये तो सभी मां-बाप चाहते हैं कि उनके बच्चों को बेस्ट एजुकेशन मिले. यही कारण है कि वे अच्छे से अच्छे स्कूल में बच्चों का एडमिशन करने की ख्वाहिश रखते हैं. हालांकि इन अरमानों पर कई बार पैसों की कमी इसमें रोडा बन जाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

जी हां, दरअसल अब आप उच्च शिक्षा के लिए लोन ले सकते हैं. दरअसल हम बात कर रहे हैं एजुकेशन लोन की. लेकिन कैसे मिलता है ये एजुकेशन लोन? इसके अलावा हायर-एजुकेशन के लिए कहां मिलेगा लोन? और अगर आप उनमें से हैं जो लोन नहीं लेना चाहते हैं तो कैसे बच्चों की शिक्षा के लिए खातिर बचा सकते हैं पैसे? इन सभी प्रश्नों के उत्तर आज आपको हम देंगे. चलिए जानते हैं..

जानिए किस तरह मिलेगा एजुकेशन लोन

आपको बता दें कि लोन लेने के लिए को-एप्लीकेंट का होना है ज़रूरी.

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बता दें कि माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी हो सकते हैं को-एप्लीकेंट.

मालूम हो कि प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई के लिए लोन आसानी से मिलता है.

बता दें कि बैंक की ब्याज दरें जरूर देखें और प्रोसेसिंग फीस की जानकारी अवश्य लें.

ज्ञात रहे कि शॉर्ट टर्म कोर्स के लिए एजुकेशन लोन नहीं मिलता है.

एजुकेशन लोन में क्या होता है कवर, जानिए

बता दें कि इसमें स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल की फीस शामिल होती है.

इसके अलावा लाइब्रेरी और लेबोरेट्री की फीस.

साथ ही किताबें, लैपटॉप, इक्विपमेंट का खर्च.

इसके अलावा विदेश में पढ़ाई के लिए यात्रा खर्च.

साथ ही स्टडी टूर, प्रोजेक्ट वर्क, थीसिस का खर्च.

नर्सरी के लिए मिलने वाले लोन की मुख्य बातों को जानें

बता दें कि नर्सरी से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई के लिए लोन.

बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बैंकों की है खास स्कीम.

बैंक ऑफ बड़ौदा की ‘बड़ौदा विद्या स्कीम’.

इलाहाबाद बैंक की ‘ज्ञान दीपिक स्कीम’.

ISFC शिष्य फाइनेंस स्कीम चलाती है.

इसके अलावा कई NBFCs भी एजुकेशन लोन देती हैं.

हायर एजुकेशन के लिए मिलने वाले लोन की प्रमुख बातें

आपको बता दें कि हायर एजुकेशन के लिए टर्म लोन मिलता है.

मालूम हो कि भारत और विदेश में पढ़ाई के लिए मिलेगा.

बता दें कि 15 साल तक का रीपेमेंट पीरियड होता है.

हालांकि 12 महीने का रीपेमेंट हॉलिडे भी मिलता है.

इसके अलावा कई बैंकों में प्रोसेसिंग/अपफ्रंट चार्जेज़ नहीं.

पढ़ाई के लिए लोन लेना किस हद तक सही

दरअसल अगर पैसे नहीं हैं तो लोन लेना एक अच्छा विकल्प माना जाता है.

सबसे बड़ी बात यह है कि लोन से बच्चों की शिक्षा में रुकावट नहीं आती.

चूंकि विदेश में पढ़ाई के लिए लोन की ज्यादा जरूरत पड़ती है.

ऐसे में विदेश में पढ़ाई का खर्च लोन पूरा कर सकता है.

इसके अलावा एजुकेशन लोन बच्चों को जिम्मेदार भी बनाता है.

स्कूल फीस के लिए पैसे को इस तरह बचाएं

मालूम हो कि आप स्कूल फीस के लिए पैसे बचाने के लिए निवेश करें

बता दें कि लिक्विड फंड में निवेश से पैसे बचाए जा सकते हैं

इसके लिए लिक्विड फंड में मासिक SIP करें

बच्चों की पढ़ाई के लिए बचत इस प्रकार करें

मान लीजिए कि अगर बच्चों की पढ़ाई का लक्ष्य 7 साल से बाद का है

तो ऐसे में म्यूचुअल फंड SIP करना बेहतर है

SIP के साथ महंगाई का आंकलन भी जरूरी

महंगाई दर को 7-8% आंक कर ही बचत करें

कितनी रकम मिलेगी, जानिए

आपको बता दें कि सरकारी बैंक `10 लाख से `20 लाख तक लोन देते हैं

भारत में पढ़ाई के लिए `10 लाख तक लोन देते हैं

वहीं, दूसरी तरफ विदेश में पढ़ाई की खातिर `20 लाख तक लोन मिलता है

बता दें कि ‘7.5 लाख से `10 लाख तक के लिए कोलैटरल की जरूरत नहीं

वहीं, `10 लाख से ज्यादा लोन की खातिर कोलैटरल की जरूरत पड़ती है

एजुकेशन लोन में क्या होती है मार्जिनल रकम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जो रकम खुद चुकानी है उसे मार्जिनल रकम कहते हैं

मार्जिनल रकम 5% से 15% तक हो सकती है

मार्जिनल रकम को डाउन पेमेंट भी कह सकते हैं

रीपेमेंट के लिए मिलता है कितना वक्त

बता दें कि लोन के रीपेमेंट के लिए बैंक देते हैं कुछ वक्त.

दरअसल कोर्स खत्म होने के बाद शुरू होती है किश्त.

मालूम हो कि कोर्स पूरा होने के 6 महीने से 1 साल में रीपेमेंट.

बता दें कि पहले से प्लानिंग करके लें एजुकेशन लोन.

अगर ऐसा संभव हो तो लोन लेते ही ब्याज देना शुरू कर दें.

बता दें कि तुरंत ब्याज भुगतान शुरू करने पर कम होगा बोझ.

इसके अलावा जल्दी EMI देने से लोन की रकम नहीं बढ़ेगी.

को-एप्लीकेंट है कितना ज़रूरी, जानिए

दरअसल बैंक माता-पिता/गार्जियन की क्रेडिट हिस्ट्री देखते हैं.

इसके अलावा छात्र की क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होने पर देखते हैं.

बता दें कि लोन लेने के लिए को-एप्लीकेंट है ज़रूरी.

मालूम हो कि किसी तीसरे व्यक्ति की गारंटी मांग सकता है बैंक.

बता दें कि 75 लाख से ज़्यादा के लोन पर कोई संपत्ति गिरवी रखनी होगी.

दरअसल कुछ मामलों में 10 लाख से ज़्यादा लोन पर भी गिरवी है आवश्यक.

ब्याज और प्रोसेसिंग फीस को एक बार जरूर देखें

आपको बता दें कि एजुकेशन लोन पर ब्याज दर 8.3% से 15% के बीच.

मालूम हो कि लड़कियों के लिए लोन पर ब्याज में है अतिरिक्त छूट.

प्रोसेसिंग फीस होती है 5,000 से ~10,000 के बीच

इसके अलावा कुछ बैंक सर्विस चार्ज और एडमिनिस्ट्रेशन चार्ज भी लेते हैं.

नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के लोन के लिए दरें अलग-अलग.

एजुकेशन लोन के बारे में जान लें ये बातें

ध्यान रहे कि आपने बैंक और चैरिटेबल ट्रस्ट से लोन लिया है.

बता दें कि आप जिस साल में लोन भरना शुरू करेंगे.

तब से 8 साल तक ले सकेंगे ब्याज पर मिलेगी छूट.

बता दें कि टैक्स छूट का फायदा भुगतान के आधार पर होगा.

मालूम हो कि अगर कई सालों का ब्याज 1 साल में ही भरा.

तो ऐसी स्थिति में उसी साल में टैक्स छूट का फायदा मिलेगा.

जानिए किन कोर्स पर है छूट

बता दें कि सरकार द्वारा मान्य कोर्स करने पर ही मिलेगी छूट

इसके अलावा पार्ट टाइम कोर्स के लिए भी छूट मिलती है

मालूम हो कि अपने लिए, पत्नी, बच्चों के नाम पर लोन पर मिलती है छूट

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