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कंगना की बहन रंगोली ने किया दावा, परिवारवालों से परेशान होकर फोन पर रोती थीं ऋतिक की बहन सुनैना रोशन

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बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन के घर में पिछले दिनों से काफी विवाद चल रहा है। इस विवाद में कंगना रनौत की बहन रंगोली चंदेल ने एक नया दावा किया है। उनके मुताबिक पिछले महीने तक हर दिन ऋतिक की बहन सुनैना रोशन उन्हें फोन किया करती थीं। साथ ही परिवार पर भावनात्मक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाया करती थीं। पूरे विवाद पर उनका ये रिएक्शन रूहेल अमीन के रिएक्शन के बाद आया है।

फोन पर रोया करती थीं सुनैना रोशन’

ट्विटर पर कंगना की बहन रंगोली ने लिखा है कि “पिछले एक महीने तक रंगोली ने हर दिन मुझसे फोन पर बात की और पूरे टाइम रोती रही। जबसे उसने मीडिया से बात की है, तब से उसका फोन बंद है। उसने मुझसे कहा था कि उसकी फैमिली न केवल उसे पीटती है, बल्कि उसे बेहोश भी रखती है। मैं खुद को असहाय महसूस कर रही हूं। समझ नहीं आता क्या करूं?”

रूहेल अमीन का बयान

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एक बातचीत में रूहेल अमीन ने बोला है कि “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसी को धर्म विशेष का होने की वजह से उग्रवादी बता दिया जाए। यह अपमान है और इसकी कठोर शब्दों में निंदा होनी चाहिए। धर्म और क्षेत्र से उग्रवाद को परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए। हमें अपनी विचारधारा में आगे बढ़ने की जरूरत है। सबसे महत्वपूर्ण बात, हमें अज्ञानी दृष्टिकोण के खिलाफ खड़े होने की आवश्यकता है।”

पिता ने मारा था सुनैना को थप्पड़

एक इंटरव्यू में सुनैना रोशन ने बताया था कि “मुस्लिम लड़के से रिश्ते की वजह से पिछले साल मेरे पिता ने मुझे थप्पड़ मारा था और कहा था कि वह लड़का आतंकवादी है, जो कि वह नहीं है। अगर वह आतंकवादी होता तो क्या वह आजाद घूमता और मीडिया में जॉब करता? क्या वह सलाखों के पीछे नहीं होता? पिछले साल फेसबुक के जरिए मैं रूहेल से मिली, लेकिन मैंने उसका नंबर सेव नहीं किया। क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि पेरेंट्स को इस बारे में पता चले।”

अपनी बात में उन्होंने आगे कहा था कि “मैं कुछ समय पहले अपने पेरेंट्स का घर छोड़कर एक अपार्टमेंट में रहने लगी थी लेकिन फिर घर लौट आई। मेरे पिता राकेश रोशन और पिंकी रोशन मुझ रूहेल से नहीं मिलने देते। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती थी लेकिन उन्होंने मेरी जिंदगी नर्क बना दी है, जो मैं अब बर्दाश्त नहीं कर सकती। मुझे शादी का नहीं पता, लेकिन इस वक्त मैं रूहेल के साथ रहना चाहती हूं। सिर्फ मुस्लिम होने की वजह से पेरेंट्स उसे नहीं ठुकरा सकते।”

खर्च के लिए दिए जाते हैं सिर्फ 50 हजार रु.’

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “पेरेंट्स मुझे महीने के खर्च के लिए केवल पचास हजार रुपए देते हैं, क्या एक रोशन परिवार की बेटी होने के नाते मेरा केवल इतना ही हक़ है? इससे ज्यादा पैसे मांगने पर वह मुझे इंकार कर देते हैं।”

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