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अगर बैंक आपकी नहीं सुन रहा है तो जाने कहां करें शिकायत, RBI का CMS करेगा आपकी मदद, फटाफट होगा समाधान

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अगर आपको बैंकिंग सेवा से संबंधित कोई शिकायत है तो अब आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं. जी हां, दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (यानी कि NBFCs) के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए एक एप्लीकेशन लॉन्च की है.

जी हां, दरअसल RBI की वेबसाइट पर शिकायत प्रबंधन प्रणाली यानी कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (यानी कि CMS) की शुरुआत की गई है. दरअसल इसके पीछे केन्द्रीय बैंक का मकसद समय से शिकायतों को हल कर कस्टमर एक्सपीरियंस बेहतर बनाना है.

जानकारी के लिए बता दें कि इस CMS पर कस्टमर पब्लिक इंटरफेस वाली किसी भी रेगुलेटेड एंटिटी जैसे कमर्शियल बैंक, शहरी सहकारी बैंक और एनबीएफसी के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. दरअसल इसकी खास बात यह है कि इस सिस्टम पर दर्ज कराई जाने वाली शिकायत को उपयुक्त लोकपाल ऑफिस/रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय ऑफिस को भेज दिया जाएगा.

आपको बता दें कि CMS को डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों पर एक्सेस किया जा सकता है. इसके अलावा रिजर्व बैंक की योजना जल्द ही एक डेडीकेटेड इंटरेक्टिव वॉइस रिस्पॉन्स (यानी कि IVR) सिस्टम भी पेश करने की है, ताकि शिकायतों के स्टेटस को ट्रैक किया जा सके.

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पारदर्शिता को और बेहतर बनाएगी CMS

आपको बता दें कि CMS को लॉन्च करते हुए RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह एप्लीकेशन पारदर्शिता को और बेहतर बनाती है. उनके अनुसार यह एप्लीकेशन ऑटो जनरेटेड एक्नॉलेजमेंट्स के जरिए शिकायतकर्ताओं को उनकी शिकायत मिलने के बारे में सूचित करेगी. यही नहीं, साथ ही उन्हें अपनी शिकायतों का स्टेटस ट्रैक करने में सक्षम बनाएगी.

इसके अलावा जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता बैंकिंग लोकपाल के फैसलों के खिलाफ ऑनलाइन अपील भी कर सकेंगे. बता दें कि शिकायतकर्ता अगर चाहें तो शिकायत के निवारण को लेकर अपने अनुभव पर फीडबैक भी दे सकते हैं.

इसलिए आवश्यक है शिकायतों का जल्द निपटारा

आपको बता दें कि दास ने इस बात पर जोर दिया कि शिकायतों के जल्द व प्रभावी निपटारे के जरिए बैंकों व अन्य वित्तीय सेवा प्रोवाइडर्स में कंज्यूमर का विश्वास कायम होगा और एजुकेशन के जरिए कस्टमर्स को सशक्त बनाना बैंकिंग सिस्टम में विश्वास कायम रखने के लिए जरूरी भी है. दरअसल एक अलर्ट और जागरुक कस्टमर प्रभावी तरीके से खुद को धोखे, जालसाजी या फ्रॉड आदि से बचा सकता है.

उन्होंने यह भी कहा कि कस्टमर्स के बीच जागरुकता फैलाने के लिए हमने CMS पोर्टल पर सेफ बैंकिंग प्रैक्टिसेज व RBI की अन्य महत्वपूर्ण ग्राहक केन्द्रित नियामकीय पहलों पर युवा रोल मॉडल्स की वीडियो भी डाली हैं जिसमें कुछ खिलाड़ी भी शामिल हैं.

कस्टमर्स की अपेक्षाएं समझने में भी होगी मदद

दरअसल दास ने यह भी कहा कि CMS पर मौजूद डाटा का इस्तेमाल बैंकों व वित्तीय सेवा प्रोवाइडर्स द्वारा शिकायतों के जल्द निपटारे और शिकायत निवारण प्रणाली मजबूत बनाने में किए जाने की उम्मीद है. उनके मुताबिक इस डाटा का इस्तेमाल निम्न चीजों में होगा:

शिकायतों के क्या कारण हैं
कस्टमर को किस बात से तकलीफ है
कस्टमर की अपेक्षाएं क्या हैं

दरअसल ऐसा इसलिए ताकि सर्विसेज को बेहतर बनाया जा सके और इस तरह संपूर्ण सिस्टम भी बेहतर बने.

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