Loading...

पेट्रोल-डीजल आ सकतें है GST के दायरे में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए संकेत

0 24

देश की नई वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुभ संकेत दिए हैं और कहा है कि पेट्रोलियम उत्‍पादों को भविष्‍य में GST दायरे में लाया जा सकता है. जी हां, दरअसल वित्‍त मंत्री ने संसद में सोमवार को कहा कि पेट्रोलियम उत्‍पादों को GST दायरे में लाने का सुझाव नहीं है लेकिन इन्‍हें एक कर व्‍यवस्‍था के अंतर्गत लाने के बारे में सोचा जा सकता है.

आधार से हो सकेगा रजिस्‍ट्रेशन

आपको बता दें कि बीती 21 जून को GST काउंसिल की बैठक में व्यापारियों व कारोबारियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए सालाना रिटर्न दाखिल करने की तारीख 2 महीने बढ़ाकर अगस्त 2019 कर दी गई है.

इसके अलावा नई कंपनियों के नामांकन प्रकिया को पहले से सरल बनाते हुए जीएसटी काउंसिल ने GST पंजीकरण के लिए 12 अंकों का आधार नंबर का उपयोग करने की अनुमति प्रदान करने पर भी फैसला लिया है. साथ ही कर चोरी पर रोक लगे इसके लिए परिषद ने मल्टीप्लेक्स के लिए ई-टिकट जारी करना अनिवार्य कर दिया है.

Loading...

NIPA का कार्यकाल 2 साल के लिए बढ़ाया

आपको बता दें कि केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में परिषद ने कंपनियों द्वारा कम जीएसटी दर का फायदा ग्राहकों तक हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण यानी NIPA का कार्यकाल 2 साल बढ़ा दिया था. दरअसल इस बैठक के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने इस फैसले को ग्राहक हितैषी बताया था.

इलेक्ट्रिक वाहन पर अभी फैसला नहीं

मालूम हो कि इस परिषद ने हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की दर 12% घटाकर 5% करने पर फैसला टाल दिया और इस मसले को आगे विश्लेषण के लिए अधिकारियों की समिति के पास भेज दिया. बता दें कि इलेक्ट्रिक चार्जर पर भी शुल्क कम करने के मामले पर अंतिम फैसला लेने से पहले समिति एक बार विचार कर सकती है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.