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2025 तक हर हाल में बंद हो जाएंगे पेट्रोल वाले दुपहिया-तिपहिया वाहन, नीति आयोग ने ऑटो कंपनियों से मांगे सुझाव

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एक तरफ दिन प्रतिदिन बढ़ती पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें और दूसरी तरफ तेज़ी से बढ़ता प्रदूषण, ये दो ऐसे प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का काफी सुनहरा भविष्य खासतौर पर भारत में दिखलाई दे रहा है।

यही कारण है कि भारत सरकार ने भी यह निर्णय लिया है कि साल 2025 तक पेट्रोल-डीजल के वाहन बंद हो जाएं। वैसे साल 2025 से पेट्रोल-डीजल से चलने वाले दोपहिया-तिपहिया वाहनों को बंद करने की समयसीमा तय करने के बाद नीति आयोग अब इसके लिए वाहन निर्माता कंपनियों से भी सहयोग मांग रहा है।

जी हां, दरअसल इस संबंध में शुक्रवार को नीति आयोग ने वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बैट्री वाहनों को अपनाने के लिए उठाए जाने वाले ठोस कदमों के बारे में दो हफ़्तों के अंदर सुझाव देने को कहा है।

कंपनियों ने नहीं उठाए कदम तो अदालतें करेंगी हस्तक्षेप: नीति आयोग

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आपको बता दें कि नीति आयोग की तरफ से कंपनियों को आगाह किया गया कि अगर वे प्रदूषण की समस्या को दूर करने के लिए कदम नहीं उठाती हैं तो अदालतें हस्तक्षेप करेंगी। मालूम हो कि इस बैठक में बजाज आटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज, टीवीएस मोटर के को-चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के अध्यक्ष एवं सीईओ मिनोरु कातो, सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर और एक्मा के महानिदेशक विन्नी मेहता सहित दोपहिया वाहन बनाने वाली प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बिना किसी ठोस नीति के ई-वाहन अपनाना संभव नहीं

इस बैठक के पश्चात अमिताभ कांत ने ट्विटर पर लिखा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति को लेकर उद्योग के साथ चर्चा हुई। भारत वैश्विक स्तर पर विद्युत वाहनों की क्रांति की अगुवाई करने की ओर बढ़ रहा है।

दरअसल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नीति या प्रारूप के अभाव में ई-वाहन को अपनाना संभव नहीं है। नीतियों को अस्पष्ट नहीं रखा जा सकता। आंकड़ो के अनुसार दुनिया के सबसे अधिक प्रदूषित 15 शहरों में 14 शहर भारत के हैं। ऐसे में सरकार और उद्योग की ओर से कदम नहीं उठाए गए तो अदालतें हस्तक्षेप करेंगी।

2025 तक 150 सीसी तक के दोपहिया वाहन बैट्री आधारित करने की योजना

आपको बता दें कि नीति आयोग ने साल 2023 तक पूरी तरह बैट्री से चलने वाले तिपहिया वाहनों को अपनाने का लक्ष्य रखा है। दरअसल इसके अलावा 2025 तक 150 सीसी तक के दोपहिया वाहनों को पूरी तरह बैट्री आधारित करने की योजना है।

मालूम हो कि अधिकारी ने इस संबंध में कहा कि भारत पहले ही इलेक्ट्रॉनिक क्रांति एवं सेमी-कंडक्टर क्रांति को अपनाने में चूक गया था। दरअसल ऐसे में उसे ई-वाहन क्षेत्र में क्रांति के अवसर को नहीं गंवाना चाहिए। यदि स्थापित कंपनियां ऐसा नहीं करती हैं तो स्टार्टअप कंपनियां ऐसा करेंगी। बता दें कि चीन में ऐसा पहले ही हो चुका है।

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