Loading...

अब अगर चोरी हुआ आपका मोबाइल तो आसानी से मिल जाएगा, सरकार शुरू करने वाली है नया प्रोजेक्ट

0 31

जब से स्मार्टफोन का कल्चर देश में बढ़ा है तब से देशभर में बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन की चोरी के मामले बढ़ें हैं अब इन्हीं पर रोक लगाने के लिए मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। जी हां, दरअसल एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार मंत्रालय जल्द ही सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) की शुरुआत करने जा रहा है।

बता दें कि इस रजिस्टर में देश के सभी मोबाइल और फीचर फोन्स के 15 डिजिट का यूनिक नंबर इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (आईएमईआई) नंबर दर्ज होगा।

डीओटी के पास मोबाइल चोरी की दर्ज करा सकेंगे शिकायत

आपको बता दें कि किसी भी मोबाइल फोन के चोरी होने पर आईएमईआई नंबर की मदद से उसकी स्थिति जानी जा सकती है। दरअसल अभी तक मोबाइल के चोरी होने पर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई जाती है। ऐसा भी देखा गया है कि अधिकांश मामलों में पुलिस शिकायत दर्ज करके बैठ जाती है और चोरी हुए मोबाइल मिल नहीं पाते हैं।

Loading...

मालूम हो कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए दूरसंचार मंत्रालय ने यह नया प्रयास किए हैं। बता दें कि इसके तहत मोबाइल चोरी होने पर आप पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम यानी कि डीओटी में एक हेल्पलाइन नंबर के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बता दें कि इसके बाद डीओटी आपके आईएमईआई नंबर को ब्लैक लिस्ट कर देगा। इसके बाद मोबाइल किसी भी टेलीकॉम नेटवर्क को एक्सेस नहीं कर पाएगी। इसके बाद पुलिस आपके बंद पड़े मोबाइल को ट्रैक कर सकेगी। दरअसल ट्राइ के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2019 तक देश में 116 करोड़ सक्रिय मोबाइल यूजर थे।

जुलाई में शुरू किया गया था ट्रायल

मालूम हो कि डीओटी ने CEIR प्रोजेक्ट की शुरुआत 2017 में की थी। दरअसल महाराष्ट्र में इसका ट्रायल किया गया था और ट्रायल में यह प्रोजेक्ट सफल रहा था। इसके बाद अब इसको राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की तैयारी चल रही है।

यहां आपको बता दें कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े डीओटी के एक अधिकारी के अनुसार, मोबाइल चोरी से न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि यह किसी व्यक्ति के निजी जीवन और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।

मालूम हो कि अधिकारी के अनुसार, डीओटी के लिए इस समय बाजार में नकली मोबाइल फोन की उपलब्धता एक बड़ा मुद्दा है। बता दें कि नकली आईएमईआई नंबर के साथ चलने वाले मोबाइल फोन हमारे आसपास एक्टिव रहते हैं और हम इनकी पहचान नहीं कर पाते हैं।

इस तरीके से चोरी रोकने में मिलेगी मदद

दरअसल मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का असली मकसद मोबाइल फोन की चोरी को हतोत्साहित करना है। बता दें कि अधिकारी के अनुसार आईएमईआई नंबर को ब्लैकलिस्ट करने के बाद मोबाइल काम करने लायक नहीं रहेगा।

मालूम हो कि इस डाटाबेस की मदद से सुरक्षा एजेंसियां चोरी हुए मोबाइल को आसानी से ढूंढ़ सकेंगी। दरअसल अधिकारी का कहना है कि हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सरकार की ओर से इस डाटाबेस का गलत इस्तेमाल ना किया जाए।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.