Loading...

अब प्रॉपर्टी को गिरवी रखे बिना ही मिल जाएगा 50 लाख रुपए तक का कर्ज, मुद्रा स्कीम हो सकता है ये प्रावधान

0 33

आगामी 5 जुलाई को देश का पूर्ण बजट पेश होने वाला है। माना जा रहा है कि देश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्वरोजगार के लिए सरकार इस बजट में बड़ा ऐलान कर सकती है। दरअसल इसके तहत नए उद्यमियों को बिना गारंटी के 50 लाख रुपए तक का कर्ज सरकार मुहैया करा सकती है।

आपको बता दें कि एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार के सरकार ने उद्यमियों को 50 लाख रुपये तक का ऋण देने के लिए एक योजना शुरू करने की व्यहारिकता का अध्ययन भी कराया है।

नई रूपरेखा हो रही है तैयार

आपको बता दें कि अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार इस योजना की रूपरेखा पर फिलहाल एक चर्चा की जा रही है। यदि संभव हुआ तो 5 जुलाई को बजट में घोषणा की जा सकती है।

Loading...

बता दें कि महिला उद्यमियों के लिए ऋण राशि का 50% और पुरुष उद्यमियों के लिए 25% गारंटी सरकार देगी। दरअसल इसका मतलब यह हुआ कि यदि कोई उधारकर्ता कर्ज चुकाने में असमर्थ है, तो महिला उद्यमी के मामले में ऋण राशि का आधा हिस्सा और पुरुष उद्यमी के मामले में एक-चौथाई हिस्सा सरकार खुद वहन करेगी।

मुद्रा योजना में जोड़ी जा सकती है नई श्रेणी

मालूम हो कि एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना यानी कि पीएमएमवाई के तत्वावधान में शुरू की जा सकती है। इसका मतलब यह है कि इसी योजना में संशोधन कर 50 लाख रुपए तक का प्रावधान कर दिया जाए।

आपको बता दें कि अभी इस स्कीम में 10 लाख रुपए तक के गारंटी फ्री ऋण का प्रावधान है। जी हां, बता दें कि अधिकारी ने कहा, “हमारे पास पहले से ही एक मौजूदा मंच है, इसलिए हम इस मंच के भीतर एक नई श्रेणी बना सकते हैं।”

आपको याद दिला दें कि अभी वर्तमान समय में पीएमएमवाई के तहत तीन योजनाएं हैं – शिशु, किशोर और तरुण योजना। दरअसल इसमें बैंक और वित्तीय संस्थान इन योजनाओं के तहत 50,000 रुपये से 10 लाख रुपये तक के ऋण प्रदान करते हैं। बता दें कि शिशु में 50000, किशाेर में 500000 और तरुण में 10 लाख रुपए की सीमा है।

51 % लोन सिर्फ शिशु योजना के तहत बांटे

आपको बता दें कि चालू वित्त वर्ष में सरकार ने इन योजनाओं के तहत लगभग 600,000 ऋण आवेदन स्वीकृत किए हैं, जिसमें 32,457 करोड़ रुपए की कर्ज राशि बांटी गई है। जी हां, दरअसल गारंटी के लिए माइक्रो यूनिट्स (CGFMU) के तहत एक क्रेडिट गारंटी फंड स्थापित किया गया है।

मालूम हो कि मार्च 2018 तक लगभग 40,000 करोड़ रुपए के ऋण क्रेडिट गारंटी योजना के तहत कवर किए गए थे। बता दें कि इन कवर किए गए ऋणों में से लगभग 51% शिशु योजना के तहत थे। यहां आपको बता दें कि गारंटी योजना के तहत 50 सदस्यीय ऋण देने वाले संस्थानों को पंजीकृत किया गया है।

राजन ने बोला था कि स्कीम की समीक्षा होने की है आवश्यकता

आपको याद दिला दें कि पिछले साल भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा था कि क्रेडिट जोखिम के लिए MUDRA ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड की अधिक बारीकी से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने बोला था कि सिडबी ( यानी कि लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया) द्वारा चलाई जा रही एमएसएमई (CGTMSE) के लिए क्रेडिट गारंटी योजना एक बढ़ती देयता है। इसे तत्कालता के साथ जांचने की आवश्यकता है।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.