Loading...

अब प्राइवेट कंपनियां चलाएंगी ट्रेनों को, लेकिन किराए में नहीं कर सकेंगी बढ़ोतरी

0 41

शताब्दी और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों की कमान निजी हाथों को सौंपी जा सकती है. जी हां, दरअसल सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक रेल मंत्रालय इसकी योजना तैयार कर रहा है. जी हां, दरअसल यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए रेल मंत्रालय ने ये योजना तैयार की है. बता दें कि इस तरह से रेलवे का खर्च कम होगा और इससे यात्रियों को भी अच्छी सर्विस मिलेगी.

शताब्दी और राजधानी ट्रेनों से की जा सकती है शुरुआत

सूत्रों की मानें तो ट्रेनों की निजीकरण की शुरुआत शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों से होगी. जी हां,बता दें कि रेलवे के मुताबिक ट्रेनों के निजीकरण से यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी. मालूम हो कि मोदी सरकार के सत्ता में लौटने के बाद रेलवे ने तैयार किए अपने इस प्लान में प्रीमियम ट्रेन के परमिट देने की योजना को भी शामिल किया है.

Loading...

टेंडर प्रक्रिया से जरिये होगा कंपनी का चयन

मालूम हो कि निजी कंपनियों का चुनाव टेंडर प्रक्रिया के जरिये किया जाएगा. जी हां, दरअसल सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्रालय इन कंपनियों को परमिट जारी करेगा. हालांकि ये बता दें कि रेल के डिब्बों और इंजन की जिम्मेदारी रेलवे की होगी, लेकिन स्टॉफ समेत सुविधाओं का जिम्मा निजी कंपनी पर होगा.

यात्री किराये की ऊपरी सीमा रेलवे तय करेगा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रेलवे बोर्ड योजना के लिए मसौदा तैयार कर रहा है. दरअसल किराये की ऊपरी सीमा रेलवे तय करेगा. बता दें कि कंपनी तय किराए से अधिक वसूल नहीं कर पाएगी।

दरअसल पहले माना जा रहा था कि रेलवे को ट्रेनों का निजीकरण करने के लिए रेग्युलेटर बनाना अनिवार्य होगा हालांकि अब रेलवे ने जिस तरह का संकेत दिया है तो उससे लग रहा है कि रेग्युलेटर नियुक्त करने से पहले भी इस प्लान को लागू किया जा सकता है.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.